Chatha Foods ने भविष्य के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत कंपनी अगले फाइनेंशियल ईयर में ₹325 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद कर रही है। यह लक्ष्य FY28 तक ₹450 करोड़ से अधिक और FY29 तक ₹550 करोड़ से पार जाने का है।
यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी और बाजार में गहरी पैठ बनाने की योजनाओं से संचालित होगा। Chatha Foods अपनी कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मौजूदा लगभग 7,840 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 2026 की शुरुआत तक 30,000 मीट्रिक टन से अधिक करने की योजना पर काम कर रही है। इसमें एक नया वेजीटेरियन (शाकाहारी) प्लांट और एक्सपोर्ट पर फोकस करने वाले Allana Group के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (JV) शामिल है।
कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों सेगमेंट में बेहतर बनाएगी, साथ ही प्लांट-बेस्ड उत्पादों की ओर भी बढ़ेगी। फाइनेंशियल लक्ष्यों में वेज प्रोडक्ट्स के लिए 30-32% और नॉन-वेज प्रोडक्ट्स के लिए 27-28% का ग्रॉस मार्जिन शामिल है। कंपनी का लक्ष्य कुल EBITDA मार्जिन 30% से अधिक और डबल-डिजिट (दोगुनी अंकों में) PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) मार्जिन हासिल करना है।
Chatha Foods ने मार्च 2024 में अपना IPO लाकर ₹33.38 करोड़ जुटाए थे, जिनका इस्तेमाल इसी ग्रोथ पहलों को फंड करने के लिए किया जाएगा। कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है, FY22 से FY25 के बीच रेवेन्यू सीएजीआर (CAGR) 22% और PAT सीएजीआर 108% रहा है।
निर्यात (export) बाजारों में पैठ बनाने के लिए BRC, FDA और EU जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन्स हासिल करना कंपनी के लिए बेहद अहम है। इसके अलावा, KFC जैसे बड़े क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) क्लाइंट्स को ऑनबोर्ड करना कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक मुख्य हिस्सा है। कंपनी सीनियर मैनेजमेंट में CHRO (चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर) और COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों की योजना बना रही है ताकि बढ़ते स्केल को मैनेज किया जा सके।
हालांकि, इन लक्ष्यों को हासिल करने में कुछ चुनौतियाँ भी हैं। ग्लोबल QSR वेंडर्स के लिए क्वालिफिकेशन प्रोसेस में 3-6 महीने लग सकते हैं, जिसमें सख्त ऑडिट शामिल होते हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन्स प्राप्त करना समय लेने वाला और रिसोर्स-इंटेंसिव हो सकता है। नए प्लांट्स का समय पर कमीशन होना और जरूरी लाइसेंस प्राप्त करना भी एग्जीक्यूशन रिस्क (क्रियान्वयन का जोखिम) प्रस्तुत करता है।
Chatha Foods प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है, जहां Britannia Industries और Nestle India जैसे बड़े खिलाड़ी हैं, साथ ही प्रोसेस्ड मीट सेगमेंट में HMA Agro Industries जैसे प्रत्यक्ष प्रतिद्वंद्वी भी हैं। हाल के प्रदर्शन की बात करें तो, Chatha Foods का 1-वर्षीय स्टॉक ग्रोथ लगभग -34.64% रहा है, जबकि पीयर (प्रतिद्वंद्वी) कंपनियों का औसत -7.06% रहा है।
निवेशकों को अब नए वेजीटेरियन और JV प्लांट्स की कमीशनिंग, उनके FSSAI लाइसेंस, थर्ड वीक ऑफ मार्च 2026 तक लाइन ट्रायल्स का पूरा होना, मई 2026 तक कमर्शियल ऑर्डर्स की शुरुआत, BRC, FDA, और EU सर्टिफिकेशन्स की प्रगति और KFC जैसे QSR क्लाइंट्स के साथ ऑनबोर्डिंग पर नजर रखनी चाहिए।