रेवेन्यू ने मचाया धमाल
Century Plyboards (India) Ltd ने मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48.8% की बढ़त के साथ ₹78.1 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस शानदार ग्रोथ का श्रेय ₹1,492.2 करोड़ के रिकॉर्ड तिमाही रेवेन्यू को जाता है, जो पिछले साल की तुलना में 24.5% अधिक है। कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस में खास बात यह रही कि दो साल से चुनौतियों का सामना कर रहा लैमिनेट सेगमेंट भी जोरदार वापसी करने में कामयाब रहा। वहीं, प्लाईवुड बिजनेस ने भी अपनी लगातार ग्रोथ जारी रखी, जिससे कुल रेवेन्यू में इजाफा हुआ।
मार्जिन में सुधार से मुनाफे को मिली बूस्ट
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, Century Plyboards ने प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में भी दमदार प्रदर्शन किया। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 31.8% बढ़कर ₹177.4 करोड़ हो गया। कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार देखा गया, जिससे EBITDA मार्जिन पिछले साल के 11% से बढ़कर 12% पर पहुंच गया। यह मैनेजमेंट की लागत नियंत्रण की बेहतरीन रणनीति को दर्शाता है।
सेग्मेंट्स का प्रदर्शन और शेयरहोल्डर वैल्यू
डेकोरेटिव सरफेसेज के बाजार में पॉजिटिव ट्रेंड और कस्टमर एंगेजमेंट की सफल स्ट्रैटेजी की वजह से लैमिनेट सेगमेंट में रिकवरी देखने को मिली। वहीं, कंस्ट्रक्शन और इंटीरियर डिजाइन सेक्टर में लगातार बनी मांग का फायदा प्लाईवुड डिवीजन को मिला। अपने मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹1 का डिविडेंड (Dividend) प्रस्तावित किया है, जिसे शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलनी बाकी है।
लीडरशिप में बदलाव और भविष्य की राह
कंपनी ने कुछ महत्वपूर्ण लीडरशिप नियुक्तियों की भी घोषणा की है। Nikita Bansal को 1 फरवरी 2027 से पांच साल के लिए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है। वहीं, Rakesh Kumar Jain को 22 मई 2026 से प्रभावी एक एडिशनल डायरेक्टर (Additional Director) के रूप में नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों का मकसद लीडरशिप में निरंतरता बनाए रखना और भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करना है। Century Plyboards को उम्मीद है कि मांग इसी तरह बनी रहेगी और ऑपरेशनल सुधार जारी रहेंगे, जिससे कंपनी बिल्डिंग मैटेरियल्स सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगी।
