Century Plyboards ने पंजाब के होशियारपुर में अपना नया प्लाइवुड प्लांट शुरू कर दिया है। **₹215 करोड़** के इस बड़े निवेश से कंपनी की नजर उत्तर भारत में सप्लाई चेन को मजबूत करने और सालाना **₹600 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने पर है।
विस्तार की रणनीति
Century Plyboards ने अपने सातवें प्लाइवुड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत होशियारपुर, पंजाब में की है। यह ₹215 करोड़ का ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट 12 अक्टूबर, 2026 से चालू हो गया है। इस प्लांट का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, ताकि ग्राहकों को तेजी से माल पहुंचाया जा सके।
कैपेसिटी और रेवेन्यू टारगेट
इस प्लांट की मौजूदा सालाना कैपेसिटी 60,000 क्यूबिक मीटर है, जिसे कंपनी आने वाले महीनों में बढ़ाकर 1 लाख क्यूबिक मीटर करने की योजना बना रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि फुल कैपेसिटी पर पहुँचने के बाद यह प्लांट कंपनी को करीब ₹600 करोड़ का सालाना रेवेन्यू देगा। बता दें कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 33.5% की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की थी और इसका संगठित प्लाइवुड सेक्टर में 9.5–10% का मार्केट शेयर है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
कंपनी भले ही ग्रोथ पर जोर दे रही है, लेकिन निवेशकों को बिल्डिंग मटीरियल सेक्टर से जुड़ी कुछ चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी। लकड़ी और केमिकल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। अगर कच्चे माल की लागत बढ़ती है और उसे तुरंत ग्राहकों पर नहीं डाला गया, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में डिमांड को लेकर बाजार में थोड़ी सावधानी बरती जा रही है। ऐसे में कंपनी के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या बाजार की डिमांड उनकी बढ़ती प्रोडक्शन कैपेसिटी के साथ तालमेल बिठा पाती है या नहीं। आने वाले समय में प्लांट का उत्पादन कितना तेज होता है और मैनेजमेंट नॉर्थ इंडिया की डिमांड पर क्या टिप्पणी करता है, इस पर बाजार की नजर रहेगी।
