Cello World Share: प्रमोटर्स ₹3,000 करोड़ में बेचेंगे हिस्सेदारी? Bain Capital से बात जारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Cello World Share: प्रमोटर्स ₹3,000 करोड़ में बेचेंगे हिस्सेदारी? Bain Capital से बात जारी

Cello World के प्रमोटर्स प्राइवेट इक्विटी फर्म Bain Capital को **3,000 करोड़** रुपये से ज़्यादा की डील में मेजॉरिटी स्टेक बेचने की तैयारी में हैं। कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद, नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है, और स्टॉक इस साल **36.4%** तक गिर चुका है।

Cello World में बड़ी डील की तैयारी

भारत की जानी-मानी कंज्यूमरवेयर कंपनी Cello World में एक बड़ी डील होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटर्स प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्म Bain Capital के साथ हिस्सेदारी बेचने को लेकर शुरुआती दौर की बातचीत कर रहे हैं। इस डील का वैल्यू 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा आंका जा रहा है।

Cello World के प्रमोटर्स के पास फिलहाल कंपनी में 75% हिस्सेदारी है। इस संभावित सौदे को लेकर कंपनी के प्रमोटर्स, Kotak Investment Banking की मदद से Bain Capital के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

कमजोर नतीजों का असर

Cello World के हालिया फाइनेंशियल नतीजे कुछ खास नहीं रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹2,379 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,181 करोड़ था। हालांकि, इसी अवधि में नेट प्रॉफिट घटकर ₹332 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹365 करोड़ था। यह गिरावट कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव को दर्शाती है।

स्टॉक में गिरावट और निवेशक

कंपनी के स्टॉक पर इसका असर साफ दिख रहा है। इस साल अब तक Cello World के शेयर 36.4% तक गिर चुके हैं। हाल ही में शेयर ₹344.1 के स्तर पर बंद हुआ था। निवेशकों की चिंताएं कंपनी के घटते मुनाफे और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर हैं।

बता दें कि भारतीय कंज्यूमर ब्रांड्स में प्राइवेट इक्विटी फर्मों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। Blackstone, Kedaara Capital और Advent International जैसी फर्मों ने पहले भी ऐसे ब्रांड्स में निवेश किया है जिनके पास मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पहचान है।

आगे क्या?

इस डील को लेकर निवेशकों की नजरें अब कंपनी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि डील की शर्तें क्या होती हैं, प्रमोटर्स की हिस्सेदारी पर इसका क्या असर पड़ता है, और नई मैनेजमेंट कंपनी के मुनाफे को कैसे बेहतर बनाती है। शेयरहोल्डर्स को उम्मीद है कि कंपनी आने वाली तिमाही में अपने मार्जिन को सुधारने और फाइनेंशियल परफॉरमेंस को स्थिर करने में सफल होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.