त्योहारी सीजन में CashKaro ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी ने केवल 6 दिनों में **₹1,003.3 करोड़** की सेल (GMV) दर्ज की है, जो सामान्य दिनों के मुकाबले **18 गुना** ज्यादा है।
CashKaro के लिए 7 से 12 अक्टूबर के बीच का समय काफी शानदार रहा। इस दौरान कंपनी ने 38 लाख से ज्यादा ऑर्डर्स प्रोसेस किए। खास बात यह है कि इस बार सेल की कमान छोटे शहरों ने संभाली है।
Tier-2 शहरों का दम
भारत के Tier-2 शहरों में बिक्री में 722% का बड़ा उछाल देखा गया, जिसने Tier-1 शहरों की 684% ग्रोथ को भी पीछे छोड़ दिया। फेस्टिवल के दौरान औसत ऑर्डर वैल्यू बढ़कर ₹2,639 हो गई, जो सामान्य दिनों में करीब ₹1,100 रहती है। यह संकेत है कि अब छोटे शहरों के खरीदार महंगे और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
कैटेगरी में बदलाव और स्मार्टफोन की सुस्ती
जहां कपड़ों और होम इलेक्ट्रॉनिक्स की जबरदस्त मांग दिखी, वहीं स्मार्टफोन सेगमेंट में निराशा हाथ लगी। मोबाइल फोन्स की बिक्री में 7-10% की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह कीमतों में बढ़ोतरी और लोगों का फोन अपग्रेड करने के प्रति कम उत्साह है। हालांकि, पुरुषों के एथनिक वियर की डिमांड 28.6 गुना बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
बिजनेस मॉडल और चुनौतियां
CashKaro का बिजनेस मॉडल सीधे रिटेलर्स को ट्रैफिक भेजने पर आधारित है। कंपनी की सहयोगी फर्म EarnKaro ने टेलीग्राम के जरिए मार्केटिंग में बड़ी भूमिका निभाई। हालांकि, कंपनी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर ई-कॉमर्स पार्टनर्स अपने कमीशन रेट्स कम करते हैं, तो सीधे तौर पर कंपनी के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। साथ ही, बदलते रेगुलेटरी नियमों के बीच कैशबैक स्कीमों को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना भविष्य की बड़ी चुनौती होगी।
