मुनाफे में कैसे आई Campus Activewear?
Campus Activewear ने लगातार मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर लगभग 14% का इजाफा हुआ है। इस ग्रोथ के पीछे प्रीमियम-आइजेशन (Premiumization) की रणनीति, यानी एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) में 5% की बढ़ोतरी, और खासकर महिलाओं के फुटवियर सेगमेंट में डबल वॉल्यूम सेल्स का बड़ा हाथ है। टारगेटेड एडवरटाइजिंग पर भी कंपनी का फोकस बढ़ा है।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने बाजी मारी है। EBITDA में 34% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ यह ₹1.1 अरब (Billion) पर पहुँच गया है। EBITDA मार्जिन लगभग 280 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.7% हो गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) के फायदों से यह मार्जिन ग्रोथ संभव हुई है।
फिलहाल Campus Activewear का शेयर करीब ₹290 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹35,000 करोड़ है। NSE पर करीब 1.5 मिलियन (Million) शेयरों का कारोबार हुआ।
क्या वैल्यूएशन है वाजिब? विश्लेषकों की नज़र
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने Campus Activewear पर अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹305 से बढ़ाकर ₹320 कर दिया है। यह टारगेट फाइनेंशियल ईयर 2028 की अनुमानित कमाई (Earnings) पर 45x के P/E मल्टीपल के आधार पर तय किया गया है।
हालांकि, कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन थोड़ी प्रीमियम (Premium) लग रही है। पिछले बारह महीनों के P/E रेश्यो (Trailing Twelve Month P/E) करीब 50x के आसपास है। सेक्टर के दूसरे बड़े खिलाड़ियों को देखें तो Bata India का P/E करीब 60x और Relaxo Footwears का 45x के आसपास है।
भारतीय फुटवियर सेक्टर की बात करें तो यह तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, ऑर्गनाइज़्ड रिटेल का प्रसार और प्रीमियम-आइजेशन ट्रेंड्स हैं। आम तौर पर, इस सेक्टर की कंपनियां 40x से 50x के P/E मल्टीपल पर ट्रेड करती हैं।
लेकिन, इन सब के बीच कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Raw Material Price Volatility) और कड़ा कॉम्पिटिशन। पिछले साल फरवरी 2025 में Campus Activewear का शेयर करीब ₹250 पर था, यानी हालिया ग्रोथ और एनालिस्ट की अपग्रेड्स ने वैल्यूएशन को ऊपर खींचा है।
कुछ दूसरे मार्केट एनालिस्ट्स की राय थोड़ी अलग है, और वे 'Hold' रेटिंग या कम टारगेट प्राइस का सुझाव दे रहे हैं, जो ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट से अलग है। कंपनी की हालिया रेगुलेटरी फाइलिंग़्स में ऐसी कोई बड़ी नकारात्मक बात सामने नहीं आई है।
आगे क्या?
Motilal Oswal का ₹320 का टारगेट प्राइस, FY28 की कमाई के अनुमानों के आधार पर, भविष्य में अच्छी बढ़त की उम्मीद जगाता है। लेकिन, दूसरी ओर कुछ ब्रोकरेज हाउस थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
यह देखना अहम होगा कि Campus Activewear अपनी प्रीमियम-आइजेशन की रणनीति को कितना बनाए रख पाती है और कॉम्पिटिशन का सामना कैसे करती है। इन बातों पर ही कंपनी की वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ टिकी होगी।
समग्र रूप से, भारतीय फुटवियर मार्केट के मजबूत बने रहने की उम्मीद है, लेकिन कंपनियों को इनपुट कॉस्ट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर की बदलती पसंद के बीच तालमेल बिठाना होगा।
