CCPA का बड़ा एक्शन: 41 रेस्टोरेंट पर लगा जुर्माना, सर्विस चार्ज को लेकर जारी हुए सख्त आदेश

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
CCPA का बड़ा एक्शन: 41 रेस्टोरेंट पर लगा जुर्माना, सर्विस चार्ज को लेकर जारी हुए सख्त आदेश

भारत के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय CCPA ने 41 बड़े रेस्टोरेंट चेन्स पर बड़ी कार्रवाई की है। इन पर ग्राहकों के बिलों में जबरन सर्विस चार्ज जोड़ने का आरोप है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि सर्विस चार्ज पूरी तरह से वॉलंटरी (वैकल्पिक) है और इसे वसूलना गलत है।

Detailed Coverage

उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत!

केंद्र सरकार की उपभोक्ता संरक्षण संस्था, CCPA (Central Consumer Protection Authority) ने 41 रेस्टोरेंट चेन्स के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। इन सभी पर ग्राहकों के बिलों में जबरन सर्विस चार्ज लगाने का आरोप है। CCPA ने इस हरकत को 'अनुचित व्यापारिक प्रथा' (Unfair Trade Practice) करार दिया है। यह एक्शन तब लिया गया है जब नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर ऐसे कई मामले आए, जहां ग्राहकों को बिल से सर्विस चार्ज हटाने का कोई विकल्प नहीं दिया गया।

कोर्ट का फैसला और नए नियम

CCPA का यह रुख दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले से और मजबूत हुआ है। मार्च 2025 में आए इस फैसले ने CCPA के जुलाई 2022 के दिशानिर्देशों को सही ठहराया है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, रेस्टोरेंट बिल में सर्विस चार्ज डिफॉल्ट रूप से नहीं जोड़ सकते। रेस्टोरेंट को ग्राहकों को साफ बताना होगा कि सर्विस चार्ज देना पूरी तरह से उनकी मर्ज़ी पर निर्भर है। इसके अलावा, सर्विस चार्ज न देने पर ग्राहक को सेवा से मना नहीं किया जा सकता और न ही इस पर कोई GST लगाया जा सकता है।

'चाओस' पर लगा ₹50,000 का जुर्माना

CCPA ने इस मामले में कई रेस्टोरेंट्स को आदेश जारी किए हैं। इनमें से एक है 'सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड', जो 'चाओस' (Chaayos) चेन चलाती है। इस पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को ग्राहकों से वसूले गए सर्विस चार्ज को वापस करने और अपने बिलिंग सिस्टम में बदलाव करने का भी आदेश दिया गया है, ताकि भविष्य में ऑटोमेटिक तरीके से सर्विस चार्ज न जुड़े।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

यह कदम उन निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए महत्वपूर्ण है जो कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस में निवेश करते हैं। यह दिखाता है कि सरकार बिलिंग पारदर्शिता को लेकर कितनी गंभीर है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को अब इन नए नियमों का पालन करना होगा, नहीं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई और अपनी 'इमेज' को नुकसान उठाने का सामना करना पड़ सकता है। CCPA अन्य रेस्टोरेंट्स की भी जांच कर रहा है, इसलिए आगे भी ऐसी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं। अगर किसी ग्राहक से जबरन सर्विस चार्ज वसूला जाता है, तो वे बिलिंग के समय उसे हटाने की मांग कर सकते हैं या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.