केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Amazon, Flipkart और JioMart पर अवैध कीटनाशकों (herbicides) की बिक्री को लेकर जुर्माना लगाया है। रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि मार्केटप्लेस अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
जुर्माना और उल्लंघन की पूरी कहानी
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देश के तीन बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई की है। Amazon और Flipkart पर ₹10-10 लाख का, जबकि JioMart पर ₹5 लाख का जुर्माना ठोका गया है। इन कंपनियों पर 'Cyclosinone Herbicide' नाम का एक ऐसा कीटनाशक बेचने का आरोप है, जो भारत में रजिस्टर्ड ही नहीं था। कृषि मंत्रालय के अनुसार, यह उत्पाद 'Insecticides Act, 1968' के तहत जरूरी सुरक्षा मानकों और जांचों से नहीं गुजरा था। गौर करने वाली बात यह है कि केवल Amazon के जरिए ही 38,000 से अधिक ऑर्डर पूरे किए गए, जिससे कंपनी ने लगभग ₹1 करोड़ की बिक्री की थी।
कंपनियों का तर्क हुआ खारिज
रेगुलेटर ने उन सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कंपनियां खुद को केवल 'मिडलमैन' (Intermediary) बताती हैं। मार्केटप्लेस अक्सर कहते रहे हैं कि वे केवल बायर और सेलर को जोड़ने का माध्यम हैं, इसलिए विक्रेताओं की गलती के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं। CCPA ने साफ कर दिया है कि किसी भी उत्पाद की कानूनी वैधता की जांच न करना घोर लापरवाही है और यह ई-कॉमर्स नियमों के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना जाएगा।
भविष्य की चुनौतियां और अनुपालन (Compliance)
CCPA ने कंपनियों को न केवल इन उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा है, बल्कि अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य संभावित खतरनाक उत्पादों की पहचान करने के लिए 'सेल्फ-ऑडिट' के भी आदेश दिए हैं। इस फैसले से ई-कॉमर्स सेक्टर में हलचल है। अब कंपनियों को प्रोडक्ट मॉडरेशन, ऑटोमेटेड कंप्लायंस सॉफ्टवेयर और सेलर्स की सख्त ऑनबोर्डिंग पर ज्यादा खर्च करना होगा। कंपनियों को 15 दिनों के भीतर अपनी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी, जो यह तय करेगी कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स भविष्य में प्रोडक्ट सेफ्टी को लेकर कितने सतर्क रहते हैं।
