मुंबई की D2C फुटवियर कंपनी Built ने ₹2 करोड़ (2 मिलियन डॉलर) का फंड जुटाया है। यह पैसा कंपनी अपने प्रोडक्ट लाइन और सप्लाई चेन को बढ़ाने में इस्तेमाल करेगी। Built खास तरह के परफॉरमेंस शूज बनाती है जो नेचुरल फुट मूवमेंट के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और भारत के युवा प्रोफेशनल्स को टारगेट करते हैं। इस फंड से नए प्रोडक्ट्स लॉन्च होंगे और R&D कैपेबिलिटीज़ को मजबूती मिलेगी।
खास 'परफॉरमेंस बायोमैकेनिक्स' पर फोकस
मुंबई में बनी यह स्टार्टअप 'परफॉरमेंस फुटवियर' स्पेस में अपनी जगह बना रही है। कंपनी पारंपरिक डिजाइन के बजाय बायोमैकेनिक्स को ज़्यादा महत्व देती है। इनके शूज में चौड़ी टो-बॉक्स (toe-box), मिनिमल हील ड्रॉप (minimal heel drop) और ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) जैसी खूबियां हैं। को-फाउंडर विजयंत ढाका, जो पहले PolicyBazaar में थे, बताते हैं कि कंपनी सिर्फ विदेशी डिजाइनों को लोकल बनाने के बजाय भारतीय बाज़ार की ज़रूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट डिजाइन करती है। इसके लिए 7 प्रोफेशनल्स की R&D टीम काम कर रही है, जो पिकलबॉल, टेनिस, बैडमिंटन और जिम ट्रेनिंग जैसे खेलों में सक्रिय युवा अर्बन ग्राहकों की ज़रूरतों पर ध्यान दे रही है।
कॉम्पिटिशन और ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी
Built फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन रॉ मटेरियल सोर्सिंग पर उसका कंट्रोल बना हुआ है। यह ब्रांड भारतीय स्नीकर और फुटवियर मार्केट में कदम रख रही है, जहां 'Gen Z' ग्राहकों की भारी मांग के कारण निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यह Comet, Neeman's, Gully Labs, Thaely, Banjaaran और Bacca Bucci जैसे कई अन्य D2C ब्रांड्स के साथ इस स्पेस में ऑपरेट करती है। इनमें से कई ब्रांड्स भी बड़े ग्लोबल प्लेयर्स से मार्केट शेयर हथियाने के लिए डिजाइन-लेड इनोवेशन (design-led innovation) और क्वालिटी पर ज़ोर दे रहे हैं।
हालांकि कंपनी अभी शुरुआती ग्रोथ फेज में है, निवेशक आमतौर पर यह देखते हैं कि D2C स्टार्टअप्स कैसे खास, हाई-परफॉरमेंस प्रोडक्ट ऑफरिंग से ब्रॉडर लाइफस्टाइल सेगमेंट में ट्रांज़िशन करते हैं। कंपनी की लॉन्ग-टर्म सफलता के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्शिप्स की स्केलेबिलिटी (scalability), SKU काउंट बढ़ने के साथ कंसिस्टेंट प्रोडक्ट क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता, और इस बेहद कॉम्पिटिटिव सेक्टर में कस्टमर एक्विजिशन स्ट्रैटेजी (customer acquisition strategy) की कॉस्ट-इफेक्टिवनेस (cost-effectiveness) जैसे फैक्टर्स महत्वपूर्ण होंगे। जैसे-जैसे Built अपने ऑपरेशन्स बढ़ाएगी, अगले बड़े माइलस्टोन नए प्रोडक्ट लाइन्स का सफल लॉन्च और दूसरे उभरते भारतीय फुटवियर ब्रांड्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की स्पेशलाइज्ड मार्केट पोजीशनिंग को बनाए रखना होगा।
