Britannia Industries ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब बिस्कुट पर निर्भरता कम कर प्रीमियम स्नैक्स और डेयरी प्रोडक्ट्स पर दांव लगा रही है। हालांकि, Q1 FY27 में **13.6%** मुनाफे के बावजूद कंपनी पाम ऑयल और चीनी की बढ़ती कीमतों के दबाव का सामना कर रही है।
प्रीमियम स्नैक्स और क्विक कॉमर्स पर जोर
Britannia अब अपनी पारंपरिक बिस्कुट वाली छवि से बाहर निकलकर युवा ग्राहकों को लुभाने के लिए नए स्नैक्स और डेयरी प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर काफी जोर है, जो अब उसकी कुल ई-कॉमर्स बिक्री का 80% से 85% हिस्सा बना रहे हैं। यह डिजिटल शिफ्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी बड़े और अधिक वैल्यू वाले पैक बेच पा रही है, जिससे पारंपरिक रिटेल स्टोर्स के छोटे पैक वाले कम मार्जिन वाले बिजनेस पर निर्भरता कम हो रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Britannia ने ₹4,964 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया और टैक्स के बाद मुनाफे में 13.6% की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, मैनेजमेंट के सामने पाम ऑयल और चीनी की महंगाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मार्जिन बचाने के लिए कंपनी मास-मार्केट सेगमेंट में पैकेट का साइज कम करने की रणनीति अपना रही है ताकि रिटेल कीमतें स्थिर बनी रहें।
मार्केट सेंटिमेंट और मैनेजमेंट में बदलाव
FMCG सेक्टर में सुस्ती के बीच Britannia के शेयर में पिछले कुछ हफ्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है और यह अपने 52-वीक लो के आसपास ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की नजर अब इस प्रीमियम रणनीति के नतीजों पर है। इस बीच, कंपनी ने 1 अक्टूबर 2026 से राममूर्ति जयरामन को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। मार्च 2026 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.27x था, जो काफी स्थिर है और कंपनी को वित्तीय लचीलापन देता है।
