शार्क टैंक इंडिया में धूम मचाने वाली 'मोमो मामी' ब्रांड की निर्माता Bluepine Foods के लिए अच्छी खबर नहीं है। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले वित्त वर्ष (FY25) में **19%** की भारी गिरावट आई है, जो घटकर **₹1.67 करोड़** रह गया है। शो में मिली प्रसिद्धि के बाद भी, यह कंपनी अभी भी एक प्राइवेट एंटिटी है और अब उसे कॉम्पिटिटिव फ्रोजन फूड्स मार्केट में अपनी ग्रोथ बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
शार्क टैंक के बाद कंपनी का सफर
'मोमो मामी' जैसे पॉपुलर फ्रोजन मोमो ब्रांड के पीछे की कंपनी Bluepine Foods, शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के बाद से एक उतार-चढ़ाव भरे बिजनेस साइकिल से गुजर रही है। इस स्टार्टअप ने शार्क्स अशनीर ग्रोवर, अमन गुप्ता और विनीता सिंह से ₹75 लाख का निवेश हासिल किया था। यह कंपनी कंज्यूमर प्रोडक्ट बिजनेस को सिर्फ टीवी की पब्लिसिटी से आगे बढ़ाकर स्केल करने की चुनौतियों का एक केस स्टडी बन गई है।
2016 में अदिति भुटिया मदान, नवीन पंवार और रोहन सिंह द्वारा स्थापित इस कंपनी ने फ्रोजन फूड कैटेगरी में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, और बाद में अपने 'Yangkiez' ब्रांड को भी पोर्टफोलियो में जोड़ा। शार्क टैंक में आने के बाद, कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी हुई। FY22 में ₹55.23 लाख से बढ़कर FY23 में रेवेन्यू ₹1.73 करोड़ हो गया, और FY24 में यह ₹2.06 करोड़ के शिखर पर पहुंच गया।
रेवेन्यू में गिरावट और मुनाफा
हालांकि, हाल के वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ गई। FY25 में, कंपनी ने रेवेन्यू में लगभग 19% की गिरावट दर्ज की, जिससे कुल रेवेन्यू ₹1.67 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने ₹10.53 लाख का पॉजिटिव EBITDA बनाए रखा, लेकिन नेट प्रॉफिट बहुत ही कम, सिर्फ ₹24,000 रहा। यह वित्तीय बदलाव भारतीय फ्रोजन फूड्स मार्केट की भीड़ में ग्रोथ बनाए रखने की कठिनाई को उजागर करता है, जहां नए और स्थापित खिलाड़ी अक्सर कीमत और डिस्ट्रीब्यूशन पहुंच पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Bluepine Foods एक प्राइवेट, अनलिस्टेड कंपनी है। यह न तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और न ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेड होती है। इसके शेयर ओपन मार्केट में पब्लिक खरीद के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जिसका मतलब है कि रिटेल निवेशक इस स्टॉक को खरीद या बेच नहीं सकते। कंपनी की ज्यादातर इक्विटी उसके फाउंडर्स के पास ही है।
स्टार्टअप की प्रगति पर नज़र रखने वालों के लिए, मुख्य बातें यह होंगी कि मैनेजमेंट वर्तमान रेवेन्यू अस्थिरता को कैसे संभालता है और क्या वह अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार कर सकता है। फ्रोजन स्नैक्स सेक्टर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है, और लंबे समय तक मांग बनाए रखने के लिए लगातार उत्पाद की गुणवत्ता और कुशल वितरण की आवश्यकता होती है, जो किसी भी शुरुआती चरण की खाद्य कंपनी के लिए महत्वपूर्ण ऑपरेशनल बाधाएं हैं। कंपनी का भविष्य का प्रदर्शन विकास की गति को फिर से हासिल करने, अपने पतले प्रॉफिट मार्जिन को प्रबंधित करने और व्यापक फूड-टेक उद्योग के दबावों से निपटने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा।
