BlueStone ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **45%** का उछाल दर्ज किया है और कुल **₹745 करोड़** की कमाई की है। हालांकि, स्टोर विस्तार और बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को **₹4.4 करोड़** का नेट लॉस झेलना पड़ा है।
स्टोर विस्तार का असर
कंपनी अपने फिजिकल फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से काम कर रही है, जिसका सीधा असर कंपनी के खर्चों पर पड़ा है। इस तिमाही में 27 नए स्टोर खुलने के बाद अब कंपनी का नेटवर्क 146 शहरों में 379 लोकेशन्स तक पहुंच गया है। इन स्टोर के रेंट, स्टाफिंग और सेटअप की लागत के चलते कुल खर्च 34% बढ़कर ₹772 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा, रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों ने भी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाला है।
घाटा कम होने के संकेत
भले ही कंपनी इस बार मुनाफे के आंकड़े से दूर रही, लेकिन अगर हम सालाना आधार पर देखें, तो सुधार के संकेत साफ हैं। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹52 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था, जो अब घटकर ₹4.4 करोड़ रह गया है। यानी घाटे में 92% की कमी आई है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार को दर्शाता है।
डिजिटल दबदबा और कस्टमर लॉयल्टी
BlueStone का अपना ओमनी-चैनल मॉडल मजबूती से काम कर रहा है। कंपनी की 80% से ज्यादा सेल्स ऑनलाइन चैनल्स से आ रही है। साथ ही, कंपनी का ग्राहक आधार 10 लाख के आंकड़े को पार कर चुका है। रिटेलर्स की वफादारी भी बढ़ रही है, जहां रिपीट कस्टमर्स की हिस्सेदारी पिछले साल के 51.4% से बढ़कर 56.3% हो गई है। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि क्या कंपनी भविष्य में इन खर्चों को कंट्रोल करके सस्टेनेबल प्रॉफिट कमा पाएगी या नहीं।
