BlueStone Jewellery के शेयरों में आज ज़बरदस्त उछाल देखा गया। कंपनी के जून तिमाही के शानदार नतीजों के बाद शेयर **20%** के अपर सर्किट पर पहुंच गए। रिटेलर ने **₹7 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू में **49.6%** की बढ़ोतरी हुई।
Detailed Coverage
₹7 करोड़ का मुनाफा, कैसे?
BlueStone Jewellery and Lifestyle Ltd. नेमंगलवार को अपने जून तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसके बाद शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गए। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹35 करोड़ का घाटा हुआ था, लेकिन इस बार ₹7 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ है। यह कंपनी के लिए लगातार मुनाफे की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर FY26 में पहली बार पूरे साल का मुनाफा दर्ज करने के बाद।
सेल्स में बम्पर ग्रोथ और नए स्टोर्स
इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी के शानदार ऑपरेशनल आंकड़े रहे। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 49.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹737 करोड़ तक पहुंच गया। निवेशकों के लिए सबसे खास बात 39% की 'सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ' रही, जो मौजूदा स्टोर्स के प्रदर्शन को दर्शाती है। इसका मतलब है कि पुराने स्टोर्स पर भी बिक्री बढ़ी है। कंपनी ने इसी तिमाही में 12 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 352 हो गई है, जो 139 शहरों में फैले हैं। कंपनी टियर-II और टियर-III शहरों पर खास ध्यान दे रही है।
मार्जिन में सुधार और प्रोडक्ट मिक्स
ऑपरेटिंग लेवल पर मुनाफे में भी काफी सुधार देखा गया। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 93.7% बढ़कर ₹107.7 करोड़ हो गया। नतीजतन, EBITDA मार्जिन भी पिछले साल की 11.29% की तुलना में बढ़कर 14.62% हो गया। कंपनी ने ऊंचे मूल्य वाले प्रोडक्ट्स पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जिससे स्टडेड ज्वैलरी का रेवेन्यू मिक्स 55% से बढ़कर 57% हो गया।
मैनेजमेंट की राय और सेक्टर का माहौल
मैनेजमेंट का कहना है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कस्टम ड्यूटी में 6% से 15% तक की बढ़ोतरी के बावजूद यह ग्रोथ हासिल की गई है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गौरव सिंह कुशवाहा के अनुसार, डिजाइन इनोवेशन के जरिए कंपनी के प्रोडक्ट्स हर प्राइस पॉइंट पर प्रासंगिक बने हुए हैं। कंपनी ने अकेले कैश प्रॉफिट में ₹57 करोड़ दर्ज किए, जो कंपनी के स्केल-अप पर कैश जनरेट करने के फोकस को दिखाता है।
निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने आक्रामक स्टोर विस्तार की योजनाओं और बेहतर प्रॉफिट मार्जिन को कैसे संतुलित करती है। ज्वैलरी सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ की स्थिरता और सोने के इंपोर्ट ड्यूटी में होने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने की कंपनी की क्षमता भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यह देखना भी अहम होगा कि कंपनी टियर-II और टियर-III शहरों में विस्तार करते हुए अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।
