Q4 में चमकी Blue Star, पर पूरे साल की कमाई पर लगाम
Blue Star Ltd. ने मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (Financial Year) की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में उम्मीदों से बढ़कर ₹227 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹194 करोड़ की तुलना में 17% ज्यादा है। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ, जो बढ़कर 8% हो गया, जबकि पिछले साल यह 6.9% था। इस तिमाही में ₹17.52 करोड़ की ग्रेच्युटी प्रोविजन वापसी ने भी नतीजों को और बेहतर बनाने में मदद की।
हालांकि, पूरे वित्तीय वर्ष (FY26) की बात करें तो तस्वीर थोड़ी अलग है। इस दौरान रेवेन्यू 3.6% बढ़कर ₹12,401.99 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट 10.8% घटकर ₹527.33 करोड़ पर आ गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹591.28 करोड़ था। इसकी मुख्य वजहें फाइनेंसिंग कॉस्ट का बढ़ना और विभिन्न सेगमेंट्स का मिला-जुला प्रदर्शन रही हैं।
लागतों का बढ़ा बोझ और सेगमेंट का प्रदर्शन
पूरे वित्तीय वर्ष में कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) पर लागतों का असर साफ दिखा। खासकर, फाइनेंसिंग कॉस्ट में इजाफा हुआ, जो कि वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ज्यादा कर्ज के कारण बढ़कर ₹72.14 करोड़ हो गया।
सेगमेंट की बात करें तो, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल एयर कंडीशनिंग सिस्टम्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिनका रेवेन्यू 12.8% बढ़कर ₹6,762.80 करोड़ हो गया। वहीं, यूनिटरी प्रोडक्ट्स सेगमेंट (जिसमें रूम एयर कंडीशनर भी शामिल हैं) का रेवेन्यू 5.1% घटकर ₹5,332.36 करोड़ रहा, हालांकि चौथी तिमाही में इसमें सुधार देखा गया। प्रोफेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल सिस्टम्स बिजनेस के रेवेन्यू में 12% की बड़ी गिरावट आई।
बाजार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
नतीजों के बाद शेयर बाजार में Blue Star के शेयर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ विश्लेषकों ने कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई है, वहीं कुछ ने 'होल्ड' की सलाह दी है। कंपनी की ऑर्डर बुक 10.5% बढ़कर ₹6,923 करोड़ हो गई है, जो भविष्य की ग्रोथ के संकेत दे रही है। कंपनी समर सीजन और यूनिटरी प्रोडक्ट्स की मांग में रिकवरी की उम्मीद कर रही है।
कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ₹8.5 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
