लागतें बेकाबू, तो दाम बढ़ाने का फैसला
Blue Star के सामने लागत बढ़ने की एक बड़ी चुनौती आ गई है। हाल ही में कंपनी ने Q4 FY26 में रिकॉर्ड ₹4,072 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और EBITDA मार्जिन भी 8% तक सुधर कर 7% (पिछले साल की तुलना में) हो गया। इसके बावजूद, कॉपर, पेट्रोलियम जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और कमजोर होते रुपये की वजह से कंपनी को फाइनेंशियल ईयर के अंत तक कीमतों में कम से कम 8% की और बढ़ोतरी करनी पड़ेगी।
मार्जिन बचाने की जद्दोजहद
कंपनी ने Q4 FY26 में EBITDA मार्जिन को 8% पर लाने में कामयाबी हासिल की, जबकि यूनिटरी प्रोडक्ट्स सेगमेंट का मार्जिन 10.4% रहा। साथ ही, कंपनी की ऑर्डर बुक 10.5% बढ़कर ₹6,923 करोड़ हो गई है, जो डेटा सेंटर और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स से ग्रोथ की उम्मीद जगाती है। लेकिन, रूम एयर कंडीशनर (AC) के लिए कंपनी को कुल 13% की प्राइस हाइक करनी है, जिसमें से अभी तक सिर्फ 8% ही लागू हो पाई है। जून में 5% और फेस्टिव सीजन से पहले 3% की बढ़ोतरी की योजना है। ये सारे एडजस्टमेंट इसलिए जरूरी हैं क्योंकि कॉपर, प्लास्टिक की कीमतों और गिरते रुपये की वजह से लागत 13% तक बढ़ चुकी है, जबकि कंपनी सिर्फ 8-9% का प्राइस हाइक ही कर पाई है।
'डिमांड डिस्ट्रक्शन' का रिस्क
Blue Star के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ग्राहक इन बढ़ी कीमतों को स्वीकार करेंगे या नहीं। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने साफ कहा है कि ग्राहक आगे और खर्च करने से कतरा सकते हैं, जो कि एक बड़ा रिस्क है। यह रिस्क इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि गर्मियों में सेल्स उम्मीद से कम रही, जिसका एक कारण डीलर्स का माल स्टॉक करना भी था। हालांकि एंड-कस्टमर सेल्स सुधर रही है, लेकिन नई प्राइमरी ऑर्डर्स वैसी नहीं बढ़ीं जैसी उम्मीद थी। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम $105-108 प्रति बैरल के आसपास हैं, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और RBI ने भी महंगाई बढ़ने का अंदेशा जताया है। कंपनी ने FY26 के लिए डिविडेंड को ₹9 प्रति शेयर से घटाकर ₹8.5 प्रति शेयर कर दिया है, जो इन दबावों के बीच एहतियाती रवैया दिखाता है।
आगे का रास्ता कैसा?
इन चुनौतियों के बावजूद, Blue Star के मैनेजमेंट का FY27 को लेकर भरोसा बढ़ा हुआ है। कंपनी प्रीमियमाइजेशन और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन में विस्तार के सहारे डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ का टारगेट लेकर चल रही है। प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल ACs के लिए सेगमेंट मार्जिन 7-7.5% और यूनिटरी प्रोडक्ट्स के लिए 8-8.5% रहने का अनुमान है। एनालिस्ट्स का 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹2,000–₹2,300 के बीच है, जो ग्रोथ ड्राइवर्स के असल में काम करने पर अच्छी अपसाइड दिखा सकता है। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स जैसे Jefferies ने 'होल्ड' रेटिंग दी है, जबकि Axis Capital जैसी फर्म 'बाय' रेटिंग के साथ बुलिश है।