Blue Star, LG Electronics और Godrej Appliances ने अक्टूबर से अपने एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में **5%** से **8%** तक का इजाफा करने का ऐलान किया है। कॉपर और बिजली की बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर भारी दबाव है।
इस अक्टूबर से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Blue Star, LG Electronics और Godrej Appliances ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 5% से 8% की बढ़ोतरी की है। अब तक कंपनियां रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत का बोझ खुद उठा रही थीं, लेकिन अब मार्जिन बचाने के लिए दाम बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
मार्जिन पर बढ़ता दबाव
कंपनियों की वित्तीय सेहत पर इसका असर साफ दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर, Blue Star का ऑपरेटिंग मार्जिन फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में गिरकर 3% पर आ गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह 10% था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 5.2% के करीब है। दरअसल, जनवरी से अब तक इनपुट कॉस्ट में 18% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिसने पूरे सेक्टर को अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी बदलने पर मजबूर कर दिया है।
क्यों महंगी हो रही है कूलिंग टेक्नोलॉजी?
कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह कॉपर (Copper) की कीमतों में तेजी है, जो कूलिंग इक्विपमेंट का मुख्य हिस्सा होता है। डेटा सेंटर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्रोडक्शन की बढ़ती मांग के कारण ग्लोबल मार्केट में कॉपर महंगा हो गया है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा की अस्थिरता और बढ़ते एनर्जी खर्च ने भी कंपनियों की कमर तोड़ दी है।
क्या फेस्टिव सीजन पर पड़ेगा असर?
कंपनियों ने इस प्राइस हाइक का समय फेस्टिव सीजन के ठीक पहले चुना है, जो एक बड़ा रिस्क भी हो सकता है। हालांकि, बाजार में अभी पुराने स्टॉक मौजूद हैं जो पुरानी कीमतों पर खरीदे गए थे, इसलिए ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमतों का असर धीरे-धीरे महसूस होगा। फिलहाल डिस्काउंट और फाइनेंस ऑफर्स के जरिए इसे कवर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जैसे ही पुराना स्टॉक खत्म होगा, मार्केट में कीमतें नई ऊंचाई पर होंगी।
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बढ़ी हुई कीमतें मांग (Demand) को प्रभावित करेंगी या फिर कंपनियां अपने मुनाफे को फिर से पटरी पर लाने में कामयाब होंगी।
