Blinkit के CEO Albinder Dhindsa ने कंपनी की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट्स के बजाय विज्ञापन (Advertising) से मिलने वाली कमाई बढ़ाने पर ध्यान देगी ताकि मैन्युफैक्चरिंग की भारी लागत से बचा जा सके।
विज्ञापन है मुनाफे का नया जरिया
Zomato की क्विक-कॉमर्स कंपनी Blinkit अब अपने बिजनेस मॉडल को 'एसेट-लाइट' रखने की तैयारी में है। CEO Albinder Dhindsa ने साफ कर दिया है कि कंपनी अपने खुद के ब्रांड (Private Labels) उतारने के बजाय एक न्यूट्रल मार्केटप्लेस बने रहने में ही ज्यादा फायदा देखती है।\n\nकंपनी का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन का झंझट पालने से बेहतर है कि उन ब्रांड्स को प्लेटफॉर्म पर जगह दी जाए जो विज्ञापन (Ads) के जरिए अपनी बिक्री बढ़ाना चाहते हैं। विज्ञापन से होने वाली कमाई में इन्वेंट्री का रिस्क नहीं होता और यह मार्जिन के लिहाज से भी काफी आकर्षक है।\n\n### क्या 'Whole Farm' जारी रहेगा?
हालांकि कंपनी बड़े स्तर पर प्राइवेट लेबल को बंद कर रही है, लेकिन दाल, चावल और सूखे मेवों जैसे बेसिक कमोडिटी के लिए 'Whole Farm' का संचालन जारी रहेगा। ये प्रोडक्ट्स मैनेज करने में आसान हैं और इनमें जटिल मैन्युफैक्चरिंग की जरूरत नहीं पड़ती।\n\n### Swiggy Instamart से अलग है रास्ता
यह फैसला उनके प्रतिद्वंदी Swiggy Instamart से बिल्कुल उलट है। Swiggy अपने ब्रांड 'Noice' को तेजी से प्रमोट कर रहा है और खुद प्रोडक्ट्स बनाकर मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।\n\nनिवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Blinkit का 'ऐड-फोकस्ड' मॉडल ज्यादा स्टेबल रिटर्न्स देता है, या फिर Swiggy का प्रोडक्ट-हेवी मॉडल। आने वाले फाइनेंशियल क्वार्टर्स में कंपनी की विज्ञापन से होने वाली इनकम ही इस रणनीति की असली कसौटी होगी।
