Blinkit का तूफानी जलवा! हर दिन 30 लाख ऑर्डर पार, Zomato के मुनाफे पर छाया सवालिया निशान

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AuthorNeha Patil|Published at:
Blinkit का तूफानी जलवा! हर दिन 30 लाख ऑर्डर पार, Zomato के मुनाफे पर छाया सवालिया निशान
Overview

Zomato की क्विक कॉमर्स सर्विस Blinkit ने हर दिन 30 लाख ऑर्डर का बड़ा मुकाम हासिल किया है। हालांकि, बढ़ती लागतें और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो Zomato के ओवरऑल फाइनेंसियल हेल्थ पर भी असर डाल रहा है।

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Blinkit की तूफानी रफ्तार

Blinkit ने भारत के तेज़ी से बढ़ते क्विक कॉमर्स मार्केट में अपनी धाक जमाते हुए हर दिन 30 लाख से ज़्यादा ऑर्डर डिलीवर करना शुरू कर दिया है। यह कंपनी की जबरदस्त ग्रोथ को दिखाता है। हालांकि, इस टॉप-लाइन ग्रोथ के पीछे निवेशकों को इस तेज़ी की लागत और Zomato की समूची प्रॉफिटेबिलिटी पर इसके असर को लेकर चिंताएं हैं।

रिकॉर्ड ऑर्डर्स, लेकिन मिले-जुले नतीजे

Blinkit हर दिन 30 लाख ऑर्डर प्रोसेस कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की पहली तिमाही में इसका नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) फूड डिलीवरी से भी ज़्यादा रहा, जिसने ₹2,400 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया। इस ग्रोथ की बदौलत Zomato का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY26 की पहली तिमाही में 70% बढ़कर ₹7,167 करोड़ तक पहुँच गया।

मगर, इस विस्तार की कीमत चुकानी पड़ी। इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट 90% गिरकर ₹25 करोड़ पर आ गया। हालिया FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों में रिकवरी दिखी, जहां नेट प्रॉफिट 346% बढ़कर ₹174 करोड़ हुआ और रेवेन्यू 196.5% बढ़कर ₹17,292 करोड़ पर पहुँच गया। ये आंकड़े बेहतर फाइनेंशियल परफॉरमेंस के संकेत देते हैं, लेकिन ये क्विक कॉमर्स के कैपिटल-इंटेंसिव नेचर को भी उजागर करते हैं।

मार्केट में पोजीशन और प्रॉफिट की चुनौती

Blinkit के पास भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में 46% की लीडिंग मार्केट शेयर है, जिसके बाद Zepto (29%) और Swiggy Instamart (25%) का नंबर आता है। भले ही Zepto ज़्यादा रेवेन्यू जेनरेट करता हो, लेकिन इस सेक्टर में हाई ऑपरेशनल और डिलीवरी कॉस्ट के कारण मार्जिन कम रहने से प्रॉफिटेबिलिटी एक आम समस्या बनी हुई है। Blinkit का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन FY26 की पहली तिमाही में करीब 0.3% था।

भारत का क्विक कॉमर्स मार्केट 2027 तक 75-100% सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो विस्तार की अपार संभावनाएं दिखाता है, लेकिन साथ ही यह भयंकर कॉम्पिटिशन का मैदान भी है। Zomato ने जून 2022 में Blinkit को ₹4,447 करोड़ में एक्वायर किया था ताकि अपनी मार्केट पोजीशन को मज़बूत कर सके। हालांकि, यह निवेश प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा है, जहाँ स्केल को इमीडिएट प्रॉफिट से ज़्यादा तरजीह दी जा रही है।

स्केल की भारी कीमत

भारत की 'पिजन पूप' जैसी यूनिक ऑपरेशनल चुनौतियों को सुलझाने पर ज़ोर देना, अक्सर क्विक कॉमर्स में निहित पतले प्रॉफिट मार्जिन से ध्यान भटका देता है। Blinkit का हाई ऑर्डर वॉल्यूम आक्रामक निवेश से प्रेरित है, जिसके चलते ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ जाती है जो रेवेन्यू ग्रोथ को कम कर देती है। Zomato के ट्रेडिशनल फूड डिलीवरी सेगमेंट में ग्रोथ धीमी हो रही है, FY26 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू के फ्लैट रहने का अनुमान है। क्विक कॉमर्स, जो ग्रोथ का इंजन है, में यूनिट इकोनॉमिक्स बहुत टाइट हैं, और Zepto और Swiggy Instamart जैसे राइवल्स से मुकाबला करने के लिए लगातार फंडिंग की ज़रूरत पड़ती है। स्केल पर इस फोकस से प्रॉफिटेबिलिटी में देरी का जोखिम है, खासकर अगर डिस्काउंटिंग या ग्राहक अधिग्रहण लागत बढ़ जाती है।

एनालिस्ट की राय और Zomato के लक्ष्य

प्रॉफिटेबिलिटी की बाधाओं के बावजूद एनालिस्ट Zomato को लेकर सतर्कता से आशावादी हैं। Zomato के लिए 'मॉडरेट बाय' की कंसेंसस रेटिंग है। JM Financial और Motilal Oswal जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने प्राइस टारगेट ₹340 से ₹400 के बीच तय किए हैं, जो ग्रोथ फोरकास्ट और सुधरती इकोनॉमिक्स के आधार पर संभावित अपसाइड का संकेत देते हैं। Zomato का लक्ष्य Blinkit के लिए 60% से ज़्यादा सालाना NOV ग्रोथ और लगभग 5% मार्जिन हासिल करना है। कंपनी को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स मज़बूत ग्रोथ बनाए रखेगा, जिसमें डबल-डिजिट NOV ग्रोथ और समय के साथ स्टोर के मैच्योर होने और ऑपरेशनल सुधारों से मार्जिन में विस्तार होगा। Zomato की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह Blinkit के बड़े स्केल को लगातार प्रॉफिटेबिलिटी में कैसे बदल पाती है, जो कि प्रतिस्पर्धी क्विक कॉमर्स मार्केट में एक मुश्किल काम है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.