Bikaji Foods ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **12.5%** की ज़बरदस्त सेल्स ग्रोथ दर्ज की है, कुल रेवेन्यू **₹734.3 करोड़** रहा। हालांकि, बढ़ती इनपुट कॉस्ट यानी उत्पादन लागत ने कंपनी के मुनाफे पर पानी फेर दिया, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर **13.5%** पर आ गया। कंपनी ने विदेशी बाजारों में विस्तार के लिए नए निवेश की भी घोषणा की है।
बिक्री में उछाल, पर मुनाफे पर लगाम
Bikaji Foods International ने 5 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही बिक्री के लिहाज से तो अच्छी रही, लेकिन मुनाफे के मामले में थोड़ी फीकी साबित हुई। कंपनी का रेवेन्यू 12.5% बढ़कर ₹734.3 करोड़ रहा। यह ग्रोथ कंपनी के एथनिक और वेस्टर्न स्नैक्स की लगातार बढ़ती डिमांड को दिखाती है।
लागत का बड़ा झटका, मार्जिन में गिरावट
हालांकि, सेल्स में आई इस तेज़ी का फायदा कंपनी के बॉटम लाइन यानी नेट प्रॉफिट तक नहीं पहुंच पाया। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन, जो कि कंपनी के मुख्य बिजनेस से होने वाले मुनाफे को मापता है, पिछले साल के 14.8% से गिरकर 13.5% पर आ गया। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी ज़्यादा माल बेच तो रही है, लेकिन एडिबल ऑयल और पैकेजिंग जैसी कच्ची सामग्रियों की बढ़ती कीमतों के कारण कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन लागतों में जा रहा है।
विदेशी बाजारों में पैठ बनाने की तैयारी
घरेलू बाजार में लागत की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी अपनी नेपाल स्थित ज्वाइंट वेंचर 'C.G. Bikaji Private Limited' में ₹15 करोड़ का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी अबू धाबी में अपनी 100% मालिकाना हक वाली नई सब्सिडियरी भी स्थापित कर रही है। इस कदम का मकसद कंपनी की इंटरनेशनल सप्लाई चेन को मज़बूत करना है, ताकि नए बाजारों में लॉजिस्टिक्स और प्रोक्योरमेंट को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।
नेतृत्व परिवर्तन और मार्केट की दौड़
फिलहाल निवेशक कंपनी के फाउंडर चेयरमैन के निधन के बाद नेतृत्व में हो रहे बदलाव पर भी नज़र रखे हुए हैं। FMCG सेक्टर में ऐसे बदलावों का कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति और मैनेजमेंट की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। साथ ही, एथनिक स्नैक्स के इस बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट में, ब्रांड लॉयल्टी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की ताकत बनाए रखना बहुत ज़रूरी है, जिसमें मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पर लगातार खर्च की ज़रूरत होती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
Bikaji Foods के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मैनेज करना है। आगे चलकर, निवेशक 6 अगस्त 2026 को होने वाली अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल पर खास नज़र रखेंगे। उम्मीद है कि मैनेजमेंट वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन को संतुलित करने की रणनीति पर ज़्यादा जानकारी देगा। इसके अलावा, नए विदेशी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और उनके लागत पर पड़ने वाले असर पर भी अगले क्वार्टर में ध्यान देना होगा।
