Berger Paints ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम **3-4%** तक बढ़ाने का फैसला किया है। नवंबर **2026** से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण है, जिसने कंपनी के स्टैंडअलोन प्रॉफिट पर दबाव डाला है।
Berger Paints India ने आने वाले नवंबर 2026 से अपने उत्पादों की कीमतों में 3% से 4% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह कदम कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद आया है, जो यह दर्शाते हैं कि रॉ-मटेरियल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी ने सितंबर तिमाही में ₹220 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹206 करोड़ था। हालांकि कंसोलिडेटेड आंकड़े ठीक लग रहे हैं, लेकिन स्टैंडअलोन ऑपरेशंस की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां करती है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 7.3% घटकर ₹163.31 करोड़ रह गया, जबकि कुल इनकम में 11.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। आय में बढ़ोतरी के बावजूद मुनाफे में कमी यह दिखाती है कि पेंट बनाने की लागत में कितना भारी इजाफा हुआ है।
कच्चे माल और मार्जिन का संकट
पेंट इंडस्ट्री काफी हद तक क्रूड ऑयल पर निर्भर है। जब कच्चे तेल से जुड़ी लागत बढ़ती है, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आना स्वाभाविक है। अब चुनौती यह है कि क्या कंपनी ग्राहक पर बोझ डालकर कीमतों को रिकवर कर पाएगी, या फिर ऊंचे दाम से मांग (Demand) में गिरावट आएगी।
बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
पेंट सेक्टर में मुकाबला बहुत सख्त है। इस प्रतिस्पर्धी माहौल में दाम बढ़ाना दोधारी तलवार जैसा है—एक तरफ मार्जिन सुधारने की जरूरत है, तो दूसरी तरफ मार्केट शेयर खोने का डर। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या ये प्राइस हाइक्स कंपनी के मुनाफे को पटरी पर ला पाएंगे या बढ़ती महंगाई बिक्री के आंकड़ों को चोट पहुंचाएगी।
