बर्गर पेंट्स (Berger Paints) के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी के पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे शानदार रहे हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **29%** की बढ़त दर्ज की गई है। नतीजों के बाद शेयर में करीब **3%** की तेजी आई है।
मुनाफे में 29% का उछाल!
बर्गर पेंट्स इंडिया लिमिटेड (Berger Paints India Ltd) ने 5 अगस्त 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹405 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 12% बढ़कर ₹3,583.8 करोड़ तक पहुंच गया। मैनेजमेंट का कहना है कि डेकोरेटिव (Decorative) और ऑटोमोटिव (Automotive) सेगमेंट में मजबूत मांग के चलते यह ग्रोथ देखने को मिली है। इसके साथ ही कंपनी ने ₹4.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी घोषित किया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोत्तरी और ब्रोकरेज की राय
मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए कंपनी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत कर रही है। पहली तिमाही में 2,100 टिंटिंग मशीनें (Tinting Machines) लगाई गईं और पूरे फाइनेंशियल ईयर में 10,000 और मशीनें लगाने का लक्ष्य है। इससे खासतौर पर उत्तरी और दक्षिणी भारत के राज्यों में उत्पाद की उपलब्धता और सर्विस बेहतर होगी।
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस ₹675 कर दिया है, जो कि स्टॉक के वैल्यूएशन (Valuation) को पॉजिटिव मान रहे हैं। वहीं, मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने 'अंडरवेट' (Underweight) रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹429 रखा है। वे मैक्रो इकोनॉमिक कंडीशन (Macroeconomic Conditions) और इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित हैं।
आगे क्या हैं जोखिम?
पेंट इंडस्ट्री में बिड़ला ओपस (Birla Opus) जैसे नए प्लेयर्स के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इससे प्रमोशनल खर्च और छूट बढ़ रही है, जिससे कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना मुश्किल हो गया है। साथ ही, कच्चे तेल (Crude Oil) और अन्य जरूरी रॉ मैटेरियल्स (Raw Materials) की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है। फॉरेन एक्सचेंज (Foreign Exchange) में बदलाव और डीलरों के स्टॉक पैटर्न (Dealer Stocking Patterns) पर भी बारीक नजर रखने की जरूरत होगी।
