पेंट बनाने वाली कंपनी Berger Paints India ने जून 2026 को खत्म हुई पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा **28.6%** बढ़कर **₹405 करोड़** रहा, जिसका मुख्य कारण डेकोरेटिव और ऑटोमोटिव सेगमेंट में शानदार ग्रोथ रही।
नतीजे कैसे रहे?
Berger Paints India ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 28.6% का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो ₹405 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में 12% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,583.8 करोड़ पर पहुंच गया।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
इन नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Berger Paints के शेयर 2.91% बढ़कर ₹545.20 पर बंद हुए।
मुनाफे का राज: EBITDA में उछाल
कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में सुधार ने मुनाफे को बढ़ाने में मदद की। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई), जो कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी का एक पैमाना है, 15% बढ़कर ₹607.4 करोड़ हो गया। मार्जिन में लगभग 40 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ। मैनेजमेंट के अनुसार, डेकोरेटिव पेंट्स बिजनेस में लगातार डिमांड और ऑटोमोटिव कोटिंग्स डिवीजन के अच्छे प्रदर्शन ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया है।
डिविडेंड का ऐलान
नतीजों के साथ ही, कंपनी ने ₹4.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की पात्रता तय करने की रिकॉर्ड डेट 5 अगस्त, 2026 रखी गई है।
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच, कंपनी को कच्चे माल की लागत में अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है, जो कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में हलचल से जुड़ी है। पेंट इंडस्ट्री पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स पर बहुत अधिक निर्भर करती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की है और अपनी परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित किया है।
आगे के लिए, कंपनी का आउटलुक सकारात्मक है और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। यह उम्मीद त्योहारी सीजन की मांग और कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार पर आधारित है। निवेशकों के लिए, भविष्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है और अगर क्रूड ऑयल की कीमतें अस्थिर रहती हैं तो सप्लाई चेन लागत का प्रबंधन कैसे करती है।
