Bayer CropScience के नतीजे सामने आए हैं। मानसून की चुनौतियों के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **9%** बढ़कर **₹166.2 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही निवेशकों के लिए **₹90** प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
Bayer CropScience ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के लिए अपने आंकड़े जारी किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹152.7 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार 9% बढ़कर ₹166.2 करोड़ रहा। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 19% गिरकर ₹1,250.7 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी समय ₹1,553.4 करोड़ था।
मुनाफे के पीछे का सच
रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद कंपनी के मुनाफे में बढ़त का श्रेय मैनेजमेंट की सख्त कॉस्ट-कंट्रोल नीति और कॉर्न सीड (मक्का बीज) सेगमेंट से मिली बेहतरीन पैदावार को जाता है। कंपनी ने खर्चों को नियंत्रित रखकर मुश्किल बाजार स्थितियों में भी बॉटम लाइन को सुरक्षित रखा है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही की बात करें, तो रेवेन्यू 11% घटकर ₹3,085.7 करोड़ रहा, लेकिन प्रॉफिट बिफोर टैक्स 15% बढ़कर ₹613.5 करोड़ पर दर्ज किया गया।
निवेशकों के लिए बंपर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹90 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। निवेशक ध्यान दें कि इसके लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर, 2026 तय की गई है और भुगतान 30 नवंबर, 2026 तक कर दिया जाएगा।
चुनौतियां और भविष्य की राह
मानसून की अनिश्चितता ने खेती के चक्र को प्रभावित किया है, जिससे क्रॉप प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स की मांग में कमी आई है। साथ ही, कॉर्न की खेती के रकबे में कमी का असर सेल्स वॉल्यूम पर दिखा है। कंपनी के सामने फिलहाल हाई इन्वेंट्री का भी दबाव है, जो वर्किंग कैपिटल पर असर डाल रहा है। आगे चलकर निवेशकों को यह देखना होगा कि मैनेजमेंट इन्वेंट्री के स्तर और बाजार की मांग में रिकवरी को कैसे मैनेज करता है।
