Bastian Hospitality Share Sale: शिल्पा शेट्टी की कंपनी का बड़ा दांव, विस्तार के लिए बेचेगी **20-25%** हिस्सेदारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bastian Hospitality Share Sale: शिल्पा शेट्टी की कंपनी का बड़ा दांव, विस्तार के लिए बेचेगी **20-25%** हिस्सेदारी

एक्टर शिल्पा शेट्टी की को-ओन्ड कंपनी Bastian Hospitality अपनी ग्रोथ को पंख लगाने के लिए प्राइवेट इक्विटी (PE) फंड जुटाने की तैयारी में है। कंपनी **20%** से **25%** तक की हिस्सेदारी बेचकर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल लेवल पर एक्सपेंशन करेगी।

Detailed Coverage

विस्तार की योजना: 20-25% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी

Bastian Hospitality, जिसमें एक्टर शिल्पा शेट्टी और जाने-माने रेस्टोरेटर रंजीत बिंद्रा की हिस्सेदारी है, कैपिटल जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी अपनी 20% से 25% तक की माइनॉरिटी स्टेक प्राइवेट इक्विटी फर्मों (Private Equity Firms) या स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स को बेचकर फंड जुटाने की सोच रही है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी ग्रोथ को तेज करने में करेगी, खासकर उन शहरों में जहां फिलहाल इनके 8 आउटलेट्स हैं जैसे मुंबई, गोवा, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद।

डाइवर्सिफाइड डाइनिंग की ओर बढ़े कदम

साल 2014 में स्थापित Bastian Hospitality अब अपने बिजनेस मॉडल को और बड़ा करने की ओर अग्रसर है। फिलहाल यह प्रीमियम डाइनिंग स्पेस के लिए जानी जाती है, लेकिन अब कंपनी बार, बेकरी, कैफे और मेंबर्स क्लब जैसे नए कॉन्सेप्ट्स भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। एक बड़ा प्रोजेक्ट 'Maison Twenty-Seven' अगले 12 से 18 महीनों में Adani Group के साथ मिलकर लॉन्च होने वाला है। इस डाइवर्सिफिकेशन से कंपनी एक स्केलेबल, मल्टी-फॉर्मेट बिजनेस स्ट्रक्चर की ओर बढ़ेगी।

फाइनेंशियल टारगेट और मार्केट का रुख

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी को अपने नए कॉन्सेप्ट्स को सफलतापूर्वक लागू करना होगा और इंटरनेशनल मार्केट्स में एक्सपेंशन की गति को बनाए रखना होगा। भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में हाल के दिनों में निवेशकों का इंटरेस्ट बढ़ा है, जिसका कारण अर्बन कंजम्पशन में बढ़ोतरी और यंगस्टर्स के बीच प्रीमियम सोशल स्पेसेस की बढ़ती पसंद है। हालांकि, प्रीमियम रेस्टोरेंट सेगमेंट में हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट, प्राइम लोकेशंस पर प्रॉपर्टी रेंटल्स और लगातार सर्विस क्वालिटी बनाए रखने जैसी चुनौतियां भी हैं। हॉस्पिटैलिटी स्पेस में इंटरेस्ट रखने वाले इन्वेस्टर्स इस बात पर नजर रख सकते हैं कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन और डेट लेवल को मैनेज करते हुए विस्तार की इस आक्रामक योजना को कितनी अच्छी तरह संतुलित कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.