Bajaj Consumer Care ने अपने नए रिटेल विजन 'Aarohan 2.0' का खाका तैयार कर लिया है। FY28 से कंपनी हर साल **60,000** आउटलेट्स और **1,000** डिस्ट्रीब्यूटर्स जोड़ने की तैयारी में है, जबकि हालिया तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट **₹70.2 करोड़** रहा है।
रिटेल विस्तार की नई रणनीति
Bajaj Consumer Care अपनी पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए 'Aarohan 2.0' नाम से एक बड़े अभियान की शुरुआत कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2028 से शुरू होने वाली इस योजना के तहत कंपनी हर साल लगभग 60,000 रिटेल आउटलेट्स और 1,000 नए डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स को अपने नेटवर्क में शामिल करेगी। यह कदम कंपनी के पिछले सफल डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम के बाद उठाया गया है, जिसने पहले ही 1,00,000 से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स और 1,100 डिस्ट्रीब्यूटर्स का आधार तैयार किया है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
सितंबर 2026 में समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। Bajaj Consumer ने ₹70.2 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू ₹332.7 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का EBITDA भी बढ़कर ₹83.3 करोड़ हो गया है। सबसे खास बात यह रही कि ऑपरेटिंग मार्जिन 25% तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18.6% था। इसमें कंपनी के फ्लैगशिप प्रोडक्ट 'Almond Drops' हेयर ऑयल का बड़ा योगदान रहा, जिसने डोमेस्टिक मार्केट में 30% से ज्यादा की ग्रोथ दिखाई है।
कमोडिटी और रिस्क मैनेजमेंट
कंपनी के सामने कच्चे माल (Raw materials) जैसे लाइट लिक्विड पैराफिन, रिफाइंड मस्टर्ड ऑयल और कोपरा की बढ़ती कीमतों की चुनौती बनी हुई है। यदि इन लागतों का दबाव बढ़ता है, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए कंपनी अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रही है। अब Bajaj Consumer हेयर ऑयल के अलावा कलर शैंपू, लिप बाम और प्रीमियम फ्रैग्रेंस जैसे नए सेगमेंट में एंट्री कर रही है, जिससे Marico और Dabur जैसे दिग्गज ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दी जा सके।
बदलते दौर में आधुनिक चैनल
परंपरागत डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ कंपनी क्विक-कॉमर्स (Quick-commerce) प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़ा दांव लगा रही है। सप्लाई चेन में बदलाव करते हुए कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि वह तेजी से बदलते उपभोक्ता व्यवहार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और नए पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स मार्केट में कितनी पैठ बना पाते हैं।
