Bajaj Consumer Care Q1 Results: मुनाफा 85% उछला, ₹71 करोड़ पार!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bajaj Consumer Care Q1 Results: मुनाफा 85% उछला, ₹71 करोड़ पार!

Bajaj Consumer Care ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पहली तिमाही में 85% बढ़कर ₹71 करोड़ हो गया है, जबकि रेवेन्यू (Revenue) में 25% की बढ़ोतरी देखी गई। ये बढ़त डोमेस्टिक मार्केट में कोकोनट ऑयल (Coconut Oil) की जोरदार डिमांड और इंटरनेशनल बिजनेस की रिकवरी से आई है।

डोमेस्टिक बिजनेस का जलवा

नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत करते हुए, Bajaj Consumer Care ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में 84.82% की जोरदार उछाल के साथ ₹70.75 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में यह प्रॉफिट ₹38.28 करोड़ था। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में भी 24.94% की हेल्दी ग्रोथ देखी गई, जो ₹273.39 करोड़ से बढ़कर ₹341.57 करोड़ हो गया।

कोकोनट ऑयल और छोटे पैक की धूम

इस बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे डोमेस्टिक बिजनेस का बड़ा हाथ रहा, जिसने तिमाही के दौरान लगभग 30% की ग्रोथ दर्ज की। कंपनी ने बताया कि कोकोनट ऑयल सेगमेंट में कम प्राइस पॉइंट्स की वजह से डिमांड बढ़ी है। खासकर छोटे और किफायती पैक साइज़ ने ट्रेडिशनल रिटेल चैनलों में अच्छी पकड़ बनाई। हालांकि, अमला (Amla) पोर्टफोलियो में थोड़ी नरमी दिखी, जो निवेशकों के लिए एक अहम फैक्टर है।

इंटरनेशनल मार्केट में वापसी और मार्जिन में सुधार

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tensions) के बावजूद, कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस ने अच्छी वापसी की है। लीडरशिप और डिस्ट्रिब्यूशन पार्टनरशिप में हुए बदलावों की वजह से नेपाल और बांग्लादेश जैसे की मार्केट्स में डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल हुई। प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के मोर्चे पर भी बड़े सुधार देखने को मिले। EBITDA मार्जिन बढ़कर 24.7% हो गया, जो पिछले साल 15.8% था। इसी तरह, ग्रॉस मार्जिन भी 56.7% से सुधरकर 61.8% पर पहुंच गया। कुल खर्चे ₹262.34 करोड़ रहे।

आगे क्या?

Bajaj Consumer Care पर्सनल केयर और हेयर ऑयल सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करती है। कंपनी ने प्रॉफिट और सेल्स में अच्छी रिकवरी दिखाई है, लेकिन निवेशकों की नजर अमला प्रोडक्ट कैटेगरी के प्रदर्शन पर रहेगी ताकि ग्रोथ सभी सेगमेंट में बनी रहे। ऑयल के रॉ मैटेरियल कॉस्ट (Raw Material Cost) में उतार-चढ़ाव के चलते मार्जिन को बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है।

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