BSH Home Appliances: ग्लोबल मंदी की मार, भारत से आया बूस्ट! **€15 बिलियन** का टर्नओवर

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AuthorMehul Desai|Published at:
BSH Home Appliances: ग्लोबल मंदी की मार, भारत से आया बूस्ट! **€15 बिलियन** का टर्नओवर
Overview

BSH Home Appliances ने **2025** के लिए **€15 बिलियन** का टर्नओवर दर्ज किया है। हालांकि, वैश्विक बाजारों में धीमी मांग और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बिक्री में **1.6%** की गिरावट आई है, लेकिन भारत से मिले जोरदार बूस्ट ने इन नतीजों को संभाला है। खास तौर पर प्रीमियम अप्लायंसेज, जैसे डिशवॉशर में **75%** की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली।

BSH Home Appliances ने 2025 में €15 बिलियन का टर्नओवर हासिल किया। करेंसी एडजस्टमेंट के बाद यह पिछले साल के मुकाबले 1.6% कम है, जबकि लोकल करेंसी में 2.8% की ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी को एक कठिन वैश्विक बाजार का सामना करना पड़ा, जहां उपभोक्ता मांग कमजोर रही और भू-राजनीतिक तनावों ने अप्लायंस सेक्टर पर असर डाला।

भारत BSH के लिए एक प्रमुख 'ब्राइट स्पॉट' रहा, जहां प्रीमियम और हाई-टेक अप्लायंसेज की बढ़ती मांग के चलते कंपनी ने जोरदार ग्रोथ हासिल की। खास तौर पर, डिशवॉशर की बिक्री में 75% का ज़बरदस्त उछाल देखा गया। GST में हुए बदलावों (सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक) ने भी इसमें मदद की। लॉन्ड्री सेल्स में करीब 15% और बिल्ट-इन स्टीम ओवन में 30% की वृद्धि हुई, जो एडवांस्ड कुकिंग सॉल्यूशंस की मांग को दर्शाता है। भारत में BSH की फेस्टिव सेल्स भी रिकॉर्ड तोड़ रहीं। इस बढ़ते बाजार का पूरा फायदा उठाने के लिए, BSH 2026 से भारत को एक अलग ऑपरेशनल रीजन के तौर पर स्थापित करने जा रहा है।

BSH के नतीजे इसके प्रतिद्वंद्वियों से काफी अलग रहे। Electrolux Group ने 2025 में SEK 131.3 बिलियन (€12.4 बिलियन) का रेवेन्यू दिखाया, जो पिछले साल से थोड़ा कम था, लेकिन कॉस्ट कटिंग और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से कंपनी का प्रॉफिट दोगुना हो गया। वहीं, Whirlpool Corporation ने 2025 में लगभग $16 बिलियन की नेट सेल्स दर्ज की और टैरिफ व प्राइसिंग प्रेशर के बावजूद 4.7% का प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखा। हालांकि, Whirlpool ने अपनी भारतीय सब्सिडियरी में अपनी हिस्सेदारी कम की और अपना क्वार्टरली डिविडेंड भी घटाया।

वैश्विक आर्थिक चुनौतियां BSH की सेल्स पर हावी रहीं। खासकर, कमजोर हाउसिंग मार्केट और भू-राजनीतिक तनावों ने बिल्ट-इन अप्लायंसेज को प्रभावित किया। सप्लाई चेन की दिक्कतें, जो वैश्विक संघर्षों से बढ़ीं, ने प्रोडक्शन में बाधाएं डालीं और लागत बढ़ाई।

इन चुनौतियों के बीच, BSH ने भविष्य के लिए बड़े निवेश किए हैं। रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च बढ़कर €847 मिलियन हो गया, जो रेवेन्यू का 5.6% है। यह इंडस्ट्री एवरेज से काफी ऊपर है। नए प्रोडक्ट्स के विकास के लिए कुल €463 मिलियन का निवेश किया गया। कंपनी AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स, जैसे स्मार्ट रोबोट्स और वॉयस-कंट्रोल्ड अप्लायंसेज पर भी जोर दे रही है।

BSH को 2026 में भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। भारत में कंपनी अगले पांच वर्षों में डबल-डिजिट ग्रोथ का लक्ष्य रख रही है। इसके लिए, BSH भारत में स्थानीय तौर पर कूलिंग अप्लायंसेज का निर्माण शुरू करेगा और स्मॉल अप्लायंस रेंज (जैसे एयर फ्रायर, मिक्सर) का विस्तार करेगा। चीन जैसे क्षेत्रों में 7.1% की गिरावट जैसे मजबूत क्षेत्रीय अंतर, बाजार की अस्थिरता को उजागर करते हैं।

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