बरेली स्थित FMCG कंपनी BL Agro ने तंजानिया में **₹7,000 करोड़** के बड़े निवेश की घोषणा की है। यह **10 साल** का प्रोजेक्ट है, जिसके जरिए कंपनी अपने एडिबल ऑयल, डेयरी और एग्रीकल्चर बिजनेस को विस्तार देगी।
सप्लाई चेन पर कंपनी का दांव
तंजानिया सूरजमुखी के उत्पादन के लिए जाना जाता है, जो एडिबल ऑयल बनाने के लिए सबसे जरूरी कच्चा माल है। भारत की कई एडिबल ऑयल कंपनियां कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आयात पर निर्भरता से जूझती हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए BL Agro ने बैकवर्ड इंटीग्रेशन की रणनीति अपनाई है। कंपनी वहां कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए स्थानीय किसानों के साथ मिलकर सीधे कच्चा माल तैयार करेगी, जिससे लागत पर बेहतर कंट्रोल मिल सके।
2030 तक का विजन
कंपनी ने 2030 तक ₹30,000 करोड़ की कंपनी बनने का टारगेट रखा है। तंजानिया का यह प्रोजेक्ट इस ग्रोथ का मुख्य आधार माना जा रहा है। एडिबल ऑयल के अलावा, कंपनी डेयरी और एनिमल हसबेंडरी जैसे नए क्षेत्रों में भी अपने पैर पसार रही है ताकि रेवेन्यू के स्रोत बढ़ सकें।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार में क्या हैं चुनौतियां?
विदेशी जमीन पर काम करना इतना आसान नहीं होता। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'करेंसी रिस्क' की है। तंजानियन शिलिंग और भारतीय रुपये के बीच उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स भारत से काफी अलग है। चूंकि एडिबल ऑयल सेक्टर में प्रॉफिट मार्जिन पहले ही बहुत कम (thin) होता है, इसलिए वहां परिचालन लागत (operational cost) में कोई भी बढ़ोतरी कंपनी की फाइनेंशियल सेहत के लिए रिस्की हो सकती है।
