Bureau of Indian Standards (BIS) ने गोल्ड हॉलमार्किंग चार्ज को **₹45** से बढ़ाकर **₹75** प्रति आर्टिकल कर दिया है। **14 सितंबर, 2026** से लागू हुए इस फैसले के बाद ज्वेलरी स्टॉक्स में दबाव देखने को मिला है।
Bureau of Indian Standards (BIS) के इस फैसले ने ज्वेलरी सेक्टर में हलचल मचा दी है। 14 सितंबर, 2026 से लागू हुई इस नई दर के कारण कंपनियों की कंप्लायंस कॉस्ट (compliance cost) में सीधा इजाफा हुआ है। इस खबर के बाद 16 सितंबर, 2026 को Titan, Kalyan Jewellers, PC Jeweller और Senco Gold जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
क्यों बढ़ रही है निवेशकों की चिंता?
समस्या यह है कि यह हॉलमार्किंग फीस ज्वेलरी के वजन पर आधारित नहीं है, बल्कि 'प्रति आर्टिकल' के हिसाब से ली जाती है। इसका मतलब है कि एक छोटी अंगूठी हो या भारी हार, दोनों के लिए समान फीस देनी होगी। इससे उन कंपनियों के मुनाफे पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है जो हल्के और मास-मार्केट ज्वेलरी सेगमेंट में काम करती हैं।
इंडस्ट्री का विरोध और आगे की राह
Gem & Jewellery Council (GJC) ने इस बढ़ोतरी को अनुचित बताया है और सरकार व BIS से इसे दोबारा विचार करने की मांग की है। काउंसिल का कहना है कि हॉलमार्किंग ग्राहकों के भरोसे के लिए जरूरी है, लेकिन फीस में इतना बड़ा जंप बिजनेस पर अतिरिक्त बोझ है।
अब निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या कंपनियां इस लागत का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी या खुद उठाएंगी। यदि कीमतें बढ़ती हैं, तो त्योहारी और शादी के सीजन में डिमांड पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, ₹200 का मिनिमम कंसाइनमेंट चार्ज पहले की तरह लागू रहेगा, जो छोटे ज्वेलर्स के लिए चुनौती बना हुआ है। बाजार अब इस पर BIS के अगले रुख का इंतजार कर रहा है।
