Bengaluru Milk Union (BAMUL) ने अपने नंदिनी ब्रांड के घी, बटर और पनीर की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नई दरें **4 नवंबर, 2026** से लागू हो गई हैं, जिससे बेंगलुरु के आम परिवारों और होटल इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ेगा।
बढ़ती लागत का दबाव
डेयरी सप्लाई चेन में लगातार बढ़ती महंगाई के कारण BAMUL को यह कठिन फैसला लेना पड़ा है। पशु आहार, चारे और लॉजिस्टिक की लागत में हुई भारी बढ़ोतरी ने दूध उत्पादकों की कमर तोड़ दी है। कर्नाटक में सूखे जैसे हालातों के कारण चारे की उपलब्धता पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य न केवल कंपनी के ऑपरेशनल खर्च को मैनेज करना है, बल्कि दूध सप्लाई करने वाले किसानों को भी उचित दाम दिलाना है।
होटल और रेस्टोरेंट्स पर मार
कीमतों में यह उछाल छोटे पैकेट से लेकर बल्क पैकिंग तक सभी पर लागू होगा। बेंगलुरु की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री, जो अपने बिजनेस के लिए बटर, घी और पनीर पर निर्भर है, इस बदलाव से काफी परेशान है। रेस्टोरेंट्स का कहना है कि इन प्रमुख सामग्रियों के महंगे होने से उनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव मेनू की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
क्या शेयर बाजार पर होगा असर?
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि BAMUL एक को-ऑपरेटिव यूनियन है, न कि कोई पब्लिक लिस्टेड कंपनी। इसलिए, इस प्राइस हाइक का भारतीय शेयर बाजार या किसी भी इंडिविजुअल शेयर प्राइस पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह कर्नाटक में बढ़ती फूड इन्फ्लेशन (Food Inflation) का एक बड़ा इंडिकेटर जरूर है, जिस पर नजर रखना जरूरी है।
