Avenue Supermarts के शेयरों में आज **2.25%** की तेजी देखी गई, जिससे भाव **₹3,934.60** तक पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में अपने मुनाफे (Profit) में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
DMart के नतीजों पर एक नज़र
Avenue Supermarts, जो DMart स्टोर्स का संचालन करती है, के शेयर गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 2.25% बढ़कर ₹3,934.60 पर पहुंच गए। यह उछाल कंपनी द्वारा जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद आया है, जिसमें पिछले क्वार्टर की तुलना में मुनाफे में सुधार देखा गया है।
कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी
जून 2026 की तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹860.44 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो मार्च 2026 तिमाही के ₹656.42 करोड़ से काफी ज्यादा है। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹18,794.53 करोड़ हो गया, जो पिछले पीरियड के ₹17,683.86 करोड़ था। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक, कंपनी ने कुल ₹68,820.74 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,969.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। यह पिछले साल के ₹59,358.05 करोड़ रेवेन्यू और ₹2,707.45 करोड़ प्रॉफिट से बेहतर है।
कंपनी के बॉटम-लाइन परफॉर्मेंस में सुधार खुदरा निवेशकों के लिए एक अहम पैमाना है। फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर ₹45.65 हो गया, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 12.14% रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी बढ़ती परिचालन लागतों के बीच भी अपनी पकड़ बनाए हुए है।
स्टोर विस्तार और भविष्य की रणनीति
हाल ही में कंपनी ने एक्सचेंजों को एक नया स्टोर खोलने की जानकारी दी है, जो अपने फिजिकल फुटप्रिंट का विस्तार करने की रणनीति का हिस्सा है। निवेशकों के लिए, स्टोरों की संख्या में बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि ये आउटलेट रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य जरिया हैं। हालांकि, विस्तार के लिए रियल एस्टेट और इन्वेंट्री पर भारी पूंजी खर्च की आवश्यकता होती है। निवेशक यह भी देखते हैं कि नए स्टोर कितनी जल्दी लाभप्रदता हासिल कर पाते हैं, खासकर ऐसे क्षेत्र में जहां उपभोक्ता खर्च मुद्रास्फीति के प्रति संवेदनशील होता है।
सेक्टर का माहौल और आगे क्या?
भारत का रिटेल सेक्टर बेहद प्रतिस्पर्धी बना हुआ है, जहां स्थापित खिलाड़ी और क्विक-कॉमर्स कंपनियां किराना और जनरल मर्चेंडाइज सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी के लिए जोर-आजमाइश कर रही हैं। Avenue Supermarts अपने कम लागत, उच्च-मात्रा वाले बिजनेस मॉडल पर केंद्रित है, लेकिन आक्रामक प्रतिस्पर्धियों के प्रवेश से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी का ऋण प्रबंधन रिकॉर्ड मजबूत है, लेकिन शेयरधारक अक्सर बढ़ती ओवरहेड्स और स्टोर खोलने के खर्चों के नकदी प्रवाह पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पारदर्शिता चाहते हैं। बाजार की नजर कंपनी की मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और आने वाले स्टोर रोलआउट की समय-सीमा पर रहेगी।
