Avenue Supermarts: DMart Ready को मिले ₹500 करोड़, पर ऑनलाइन घाटा बढ़ा, क्या यह रणनीति काम करेगी?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Avenue Supermarts: DMart Ready को मिले ₹500 करोड़, पर ऑनलाइन घाटा बढ़ा, क्या यह रणनीति काम करेगी?

Avenue Supermarts ने अपनी ऑनलाइन किराना यूनिट DMart Ready में ₹500 करोड़ का भारी निवेश करने का ऐलान किया है। FY26 में कंपनी की ऑनलाइन बिक्री भले ही **17%** बढ़कर **₹4,094 करोड़** हो गई हो, लेकिन नेट लॉस (Net Loss) बढ़कर **₹307 करोड़** तक पहुंच गया है। ऐसे में, यह देखना अहम होगा कि 11 प्रमुख शहरों पर फोकस करने की नई रणनीति कंपनी को मुनाफे में ला पाती है या नहीं, खासकर तब जब क्विक-कॉमर्स (Quick-commerce) कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।

DMart Ready में ₹500 करोड़ का नया निवेश

Avenue Supermarts, जो DMart रिटेल चेन का संचालन करती है, ने अपनी ऑनलाइन किराना सब्सिडियरी, Avenue E-Commerce (जो DMart Ready प्लेटफॉर्म चलाती है), में ₹500 करोड़ तक के बड़े निवेश को मंजूरी दे दी है। यह फैसला कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में लिया गया, जिसका मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करना है।

ऑनलाइन कारोबार में ग्रोथ लेकिन घाटे में इजाफा

यह निवेश कंपनी के डिजिटल विस्तार के प्रयासों को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह ऑनलाइन आर्म के वित्तीय दबाव को भी उजागर करता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, DMart Ready ने ₹4,094 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 17% ज्यादा है। बिक्री में इस बढ़ोतरी के बावजूद, यूनिट का घाटा बढ़कर ₹307 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹247 करोड़ था।

नई रणनीति: 11 शहरों पर फोकस

इस स्थिति से निपटने के लिए, मैनेजमेंट अपनी रणनीति बदल रहा है। कंपनी अब अपना ऑपरेशनल फोकस सिर्फ 11 प्रमुख शहरों पर केंद्रित कर रही है, जिनसे उसके ऑनलाइन कारोबार का बड़ा हिस्सा आता है। इस लक्षित रणनीति का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और एक टिकाऊ ई-कॉमर्स मॉडल के तहत मुनाफे का स्पष्ट रास्ता दिखाना है, बजाय इसके कि कंपनी कई जगहों पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करे।

निवेशकों के लिए बड़ी चुनौतियां

निवेशकों के लिए, यह समय कई मायनों में चुनौतीपूर्ण है। रिटेल सेक्टर, खासकर किराना सेगमेंट, क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते दबदबे का सामना कर रहा है, जो बेहद तेज डिलीवरी का वादा करते हैं। वहीं, Avenue Supermarts अपने फिजिकल स्टोर्स के विस्तार पर भी भारी खर्च कर रही है, FY26 में 85 नए स्टोर खोले गए, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या 500 हो गई। ऑनलाइन घाटे के साथ-साथ फिजिकल स्टोर्स पर इतना बड़ा खर्च, कंपनी के कंसोलिडेटेड मार्जिन्स (Consolidated Margins) और कैश फ्लो (Cash Flow) पर दबाव डाल रहा है।

आगे क्या?

Avenue Supermarts का शेयर 20 अगस्त, 2026 को ₹3,960 पर बंद हुआ था। आगे चलकर, निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या 11 मुख्य शहरों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति ऑनलाइन आर्म के खर्च को कम करने और यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) को बेहतर बनाने में मदद करती है। साथ ही, कंपनी अपने आक्रामक फिजिकल स्टोर विस्तार की लागत को अपने डिजिटल निवेशों के साथ कैसे मैनेज करती है, यह भी देखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.