भारत की जानी-मानी ज्वेलरी रिटेलर Aukera ने अपने स्टोर का तेजी से विस्तार करने के लिए **₹90 करोड़** की फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Alteria Capital ने किया है। यह फंडिग कंपनी को नए स्टोर खोलने, प्रोडक्ट डिजाइन और ऑनलाइन-ऑफलाइन ग्रोथ में मदद करेगी।
Aukera के विस्तार की नई उड़ान
लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी Aukera ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसने एक नए फंडिंग राउंड में ₹90 करोड़ जुटाए हैं। इस निवेश में Alteria Capital के साथ-साथ InnoVen Capital, Lighthouse Canton और एक बड़े बैंकिंग पार्टनर ने भी हिस्सा लिया है। यह फंडिग ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने पिछले साल ही $15 मिलियन का इक्विटी राउंड पूरा किया था, जो भारत में लैब-ग्रोन डायमंड सेगमेंट में निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है।
स्टोर बढ़ाने पर फोकस
कंपनी का मुख्य लक्ष्य इस पैसे का इस्तेमाल भारत भर में अपने फिजिकल स्टोर की संख्या बढ़ाने में करना है। 2023 में शुरुआत के बाद से Aukera ने अपने ऑपरेशन्स को तेजी से बढ़ाया है और 13 स्टोर से 35 कंपनी-स्वामित्व वाले आउटलेट्स तक पहुंच गई है। अभी तक कंपनी ने बेंगलुरु, दिल्ली NCR और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में ग्रोथ पर ध्यान दिया था, लेकिन अब पुणे, लखनऊ, देहरादून और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में अपनी पैठ बढ़ाने की योजना है।
स्ट्रेटेजी और मार्केट का खेल
नए स्टोर खोलने के अलावा, कंपनी प्रोडक्ट इनोवेशन, डिजाइन और अपने डिजिटल व फिजिकल सेल्स चैनल्स को मजबूत करने पर भी ध्यान देगी। कंपनी की फाउंडर और CEO, Lisa Mukhedkar ने कहा कि यह फंडिग बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए ज्यादा शहरों में तेजी से विस्तार करने के उद्देश्य से जुटाई गई है। मैनेजमेंट का पहले भी कहना रहा है कि इस खास सेगमेंट में लीडिंग पोजीशन हासिल करने के लिए ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के बड़े लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत पड़ सकती है।
लैब-ग्रोन डायमंड सेक्टर में ग्राहकों की पसंद बदल रही है, क्योंकि ये स्टोन्स नेचुरल डायमंड्स के मुकाबले सस्ते और सस्टेनेबल विकल्प के तौर पर पेश किए जा रहे हैं। हालांकि, ज्वेलरी इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन बहुत है और बढ़ती ग्लोबल प्रोडक्शन कैपेसिटी व घटती होलसेल कीमतों के कारण लैब-ग्रोन डायमंड्स की वैल्यू पर दबाव आ सकता है। निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि Aukera आक्रामक रिटेल विस्तार को प्रॉफिटेबिलिटी के साथ कैसे बैलेंस करती है, खासकर जब कंपनी अपने ज़्यादा से ज़्यादा कंपनी-ओन्ड स्टोर्स के ज़रिए फिक्स्ड कॉस्ट बढ़ा रही है।
चूंकि Aukera एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इस फंडिग का सीधा शेयर बाजार पर कोई असर नहीं दिखेगा। हालांकि, इसका विस्तार भारत के बड़े ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलरी रिटेल सेक्टर की ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर अहम जानकारी देता है। Titan Company या Kalyan Jewellers जैसे लिस्टेड ज्वेलरी स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने वाले निवेशकों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि क्या लैब-ग्रोन डायमंड्स की बढ़ती पॉपुलैरिटी पारंपरिक माइन्ड डायमंड ज्वेलरी की डिमांड को प्रभावित कर रही है।
