Asian Paints ने फाइनेंशियल दिग्गज Leo Puri को अपना चेयरमैन-डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वे 23 जनवरी, 2027 को R. Seshasayee की जगह लेंगे। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब कंपनी नए प्रतिस्पर्धियों की चुनौती और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के दबाव से जूझ रही है।
मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल
Asian Paints ने 7 सितंबर, 2026 को बड़ी घोषणा करते हुए पूर्व JPMorgan एक्जीक्यूटिव Leo Puri को अपना चेयरमैन-डेजिग्नेट नामित किया है। Leo Puri तुरंत प्रभाव से बोर्ड में 'एडिशनल और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर' के रूप में शामिल होंगे। यह नियुक्ति 5 साल की अवधि के लिए है, जो 6 सितंबर, 2031 तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, इसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
अनुभवी लीडरशिप की तलाश
Leo Puri का अनुभव काफी गहरा है। उन्होंने पहले UTI Asset Management और Warburg Pincus जैसी संस्थाओं में अहम जिम्मेदारी निभाई है। फिलहाल, वे Dr. Reddy's Laboratories और Fortis Healthcare के बोर्ड का भी हिस्सा हैं।
मार्केट में कड़ी चुनौती
यह लीडरशिप ट्रांजिशन तब हो रहा है, जब पेंट सेक्टर में जंग तेज हो गई है। Aditya Birla Group और JSW Group जैसे बड़े खिलाड़ियों की एंट्री ने Asian Paints के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ा दिया है।
फाइनेंशियल सेहत और स्टॉक पर असर
कंपनी ने 30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही में ₹1,539 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और 9% वॉल्यूम ग्रोथ दिखाई है। कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए 8-10% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा है। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी मुनाफे के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इन खबरों के बीच, शेयर 1.25% की गिरावट के साथ ₹2,496 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
