मुनाफे का बूस्टर: सोने की कीमतें और B2B मॉडल
Ashapuri Gold Ornament का दिसंबर तिमाही का प्रदर्शन काफी दमदार रहा। कंपनी की आय 6% बढ़कर ₹247 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA में 60% का जोरदार उछाल आया और यह ₹24 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि यह शानदार प्रदर्शन अनुशासित एग्जीक्यूशन (disciplined execution) और B2B मॉडल की ताकत का नतीजा है। खास बात यह है कि सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और महंगाई के बावजूद, कंपनी के डिजाइन-आधारित प्रोडक्ट्स की रिटेल चेन्स और बड़े क्लाइंट्स के बीच मांग बनी रही। कंपनी ने B2B ज्वैलरी सेगमेंट में 90.18 किलोग्राम सोने की बिक्री की, जबकि मैन्युफैक्चरिंग वॉल्यूम 10% बढ़कर 144.36 किलोग्राम रहा।
बाजार की चुनौती और बड़ी कंपनियों से तुलना
हालांकि, यह ध्यान रखना अहम है कि इंडस्ट्री इस वक्त दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। सोने की रिकॉर्ड कीमतों के कारण बिक्री के वैल्यू (value) में तो बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन फिजिकल वॉल्यूम (physical volume) घट रहा है। भारत में 2025 की चौथी तिमाही में ज्वैलरी की मांग वॉल्यूम के लिहाज़ से 23% गिरी, हालांकि वैल्यू 26% बढ़ी। यही ट्रेंड Titan जैसी बड़ी कंपनियों में भी देखने को मिला, जिनकी रेवेन्यू ग्रोथ कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई, लेकिन ऊंचे सोने के दाम के चलते नए ग्राहक बनाने में धीमापन आया। इसके विपरीत, B2B क्षेत्र की एक और कंपनी Sky Gold and Diamonds ने Q3 FY26 में 77% की रेवेन्यू ग्रोथ और 120% PAT ग्रोथ दर्ज की, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और स्केल को महत्वपूर्ण बनाती है।
स्टॉक का प्रदर्शन और वैल्यूएशन
Ashapuri Gold Ornament का मार्केट कैप (market capitalization) फिलहाल ₹171-₹182 करोड़ के आसपास है, और P/E रेश्यो (price-to-earnings ratio) लगभग 10-10.75 है। यह वैल्यूएशन (valuation) मौजूदा इंडस्ट्री की मुश्किलों को पूरी तरह से शायद नहीं दिखाता, खासकर अगर इसकी तुलना कंपनी के ऐतिहासिक वैल्यूएशन रेंज से की जाए, जहां P/E रेश्यो अक्सर ज़्यादा रहा है। शेयर के भाव में भी नरमी दिखी है; 11 फरवरी 2026 को यह ₹5.16-₹5.46 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो कि 2025 की शुरुआत के ₹8.50 के स्तर से काफी कम है। एक साल में कंपनी के शेयर ने लगभग -36% का रिटर्न दिया है, जबकि Sensex सकारात्मक रहा।
आगे की राह: विस्तार और ऑर्डर
कंपनी की रणनीति अपने डोमेस्टिक मार्केट (domestic market) में उपस्थिति बढ़ाना है। इसके लिए एक रीजनल सेल्स फोर्स (regionally aligned sales force) को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ऑर्गेनाइज्ड रिटेलर्स (organised retailers) के साथ संबंध गहरे हों, जो वॉल्यूम ग्रोथ के लिए ज़रूरी है। कंपनी ने हाल ही में ₹29 करोड़ के गोल्ड ज्वैलरी ऑर्डर और IIJS Premier शो 2025 में ₹102 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए हैं, जो B2B ग्राहकों के विश्वास को दर्शाता है। फरवरी 2026 में एक बोर्ड मीटिंग होनी है, जिसमें 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (unaudited financial results) को मंजूरी दी जाएगी। विश्लेषक (analysts) सतर्कता से आशावादी हैं, लेकिन कंपनी के एग्जीक्यूशन और ऊंचे सोने की कीमतों के प्रति मार्केट के रिस्पांस पर नजरें बनी हुई हैं।
