Arvind Ltd ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का मुनाफा **44%** बढ़कर **₹148 करोड़** हो गया है, जिसकी मुख्य वजह Advanced Materials सेगमेंट में शानदार ग्रोथ रही है। हालांकि, टेक्सटाइल बिजनेस अभी भी कच्चे माल की महंगाई के दबाव में है।
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹2,919 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। बिजनेस मिक्स में बड़ा बदलाव दिख रहा है, जहां Advanced Materials सेगमेंट ने 80% की जोरदार उछाल के साथ ₹805 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबिलिटी प्रोजेक्ट्स से इस डिवीजन को बड़ा सहारा मिला है। वहीं, पारंपरिक टेक्सटाइल बिजनेस ₹2,146 करोड़ तक पहुंचा, जिसमें 19% की ग्रोथ देखी गई।
मुनाफे के पीछे का सच
मुनाफे में उछाल के पीछे एक ₹28.24 करोड़ का वन-टाइम एक्सेप्शनल गेन भी शामिल है। यह लाभ 2014-15 के एक पुराने भूमि विवाद के निपटारे के बाद मिला है। म्युनिसिपल अथॉरिटीज द्वारा जमीन सरेंडर करने का अनुरोध वापस लेने से कंपनी को अपनी प्रोविजनिंग रिवर्स करने में मदद मिली। यह गेन नॉन-रिकरिंग है, यानी आगे की तिमाहियों में इसका असर नहीं दिखेगा।
टेक्सटाइल बिजनेस की चुनौतियां
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद टेक्सटाइल सेगमेंट के मार्जिन पर दबाव है। कॉटन और यार्न की कीमतों में उतार-चढ़ाव, और बढ़ते फ्रेट एवं यूटिलिटी खर्चों के कारण कंपनी को मार्जिन में 75 बेसिस पॉइंट्स का नुकसान झेलना पड़ा है। कंपनी इन लागतों को पूरी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाल पाई है।
भविष्य की योजनाएं (Growth Strategy)
कंपनी अपने ऑपरेशंस का दायरा बढ़ा रही है। वाराणसी में नई गारमेंट फैसिलिटी शुरू हो चुकी है, जिसकी वार्षिक रेवेन्यू कैपेसिटी ₹250 करोड़ है। इसके अलावा, यूरोपियन मार्केट पर पकड़ मजबूत करने के लिए एम्स्टर्डम में एक डिजाइन और मार्केटिंग हब भी खोला गया है।
फिलहाल मैनेजमेंट भविष्य को लेकर सतर्क है। घरेलू त्योहारों के दौरान मांग अच्छी रही है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर जियो-पॉलिटिकल तनाव और लॉजिस्टिक्स की समस्याएं बनी हुई हैं। यदि कच्चे माल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो दूसरी छमाही में टेक्सटाइल डिवीजन में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।
