इन्ग्रीडिएंट टेक्नोलॉजी कंपनी Arboreal Bioinnovations अपने मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के लिए **₹125 करोड़** का बड़ा निवेश करने जा रही है। लखनऊ और गुजरात में क्षमता बढ़ाने की तैयारी के साथ ही कंपनी अपने पोर्टफोलियो को Stevia से आगे ले जाकर प्रोटीन और शुगर-रिडक्शन समाधानों पर फोकस कर रही है।
बड़े विस्तार की तैयारी
लखनऊ आधारित Arboreal Bioinnovations अब अपने ऑपरेशन को बड़े पैमाने पर ले जाने की तैयारी में है। कंपनी अगले 2 सालों में उत्तर प्रदेश और गुजरात में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार करेगी। यह विस्तार कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अब सिर्फ Stevia तक सीमित न रहकर प्रोटीन और फाइबर जैसे फंक्शनल इन्ग्रीडिएंट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
फाइनेंशियल ग्रोथ और बड़े क्लाइंट्स
कंपनी की ग्रोथ रफ्तार देख निवेशक काफी उत्साहित हैं। Arboreal Bioinnovations का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट अब ₹455 करोड़ से ₹500 करोड़ के बीच पहुंच गया है, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2026 के ₹197 करोड़ के मुकाबले जबरदस्त छलांग है। कंपनी के पास अब 200 से ज्यादा ग्राहकों का नेटवर्क है, जिसमें Hindustan Unilever जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं, जिन्हें कंपनी 'Horlicks Protein' लाइन के लिए सामग्री सप्लाई कर रही है।
R&D और फंडिंग का दम
कंपनी ने अपने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए ₹50 करोड़ से ₹60 करोड़ का बजट रखा है ताकि नई तकनीकों जैसे 'एंजाइमेटिक हाइड्रोलिसिस' और 'फर्मेंटेशन' का इस्तेमाल कर सके। यह विस्तार कार्य ₹230 करोड़ की उस फंडिंग से समर्थित है, जो हाल ही में EAAA Alternatives, Omnivore और Rainmatter जैसे बड़े निवेशकों से जुटाई गई है। अब सारा दारोमदार लखनऊ और गुजरात के प्लांट के समय पर पूरा होने और सप्लाई चेन की मजबूती पर टिका है।
