त्योहारी सीजन से पहले आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। 1 अक्टूबर से घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में **5-8%** तक का इजाफा करने जा रही हैं। इसकी मुख्य वजह कॉपर और स्टील जैसी धातुओं की कीमतों में आई तेजी है।
लागत का दबाव और नई कीमतें
भारतीय अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स इस साल तीसरी बार कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे रॉ मटेरियल के दाम बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ गया है। विशेष रूप से एयर कंडीशनर्स (AC) में कॉपर का इस्तेमाल ज्यादा होता है, इसलिए वहां 5-8% तक का उछाल देखा जा सकता है, जबकि अन्य अप्लायंसेज जैसे रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और टीवी में 2-4% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इन्वेंट्री का बफर और राहत
Godrej Appliances के अनुसार, फिलहाल डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के पास पुरानी दरों पर खरीदा गया स्टॉक मौजूद है। इस वजह से अगले 4 से 6 हफ्तों तक ग्राहकों को तुरंत महंगाई का झटका नहीं लगेगा। यह 'इन्वेंट्री बफर' त्योहारी सीजन की शुरुआती खरीदारी के दौरान कीमतों को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनियां डिमांड को प्रभावित किए बिना लागत का बोझ ग्राहकों पर कितना डाल पाती हैं। Haier जैसी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि अगर कमोडिटी की कीमतें अस्थिर रहीं, तो 2026 की शुरुआत तक कुल बढ़ोतरी 15% तक पहुंच सकती है। यदि त्योहारी मांग में सुस्ती आती है, तो सेल्स वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है, जिस पर बाजार की नजरें टिकी होंगी।
