भारत में Apple के खरीदार अब अधिक स्टोरेज और कॉम्पैक्ट प्रो मॉडल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। iPhone 18 सीरीज के दाम बढ़ने के बावजूद डिमांड बनी हुई है, जो बाजार के बदलते ट्रेंड की ओर इशारा करती है।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में उपभोक्ता व्यवहार तेजी से बदल रहा है। हाल ही में लॉन्च हुई iPhone 18 Pro सीरीज और 'iPhone Duo' के आने के बाद, ग्राहक अब बेस मॉडल्स की जगह 256GB स्टोरेज वाले 6.3-इंच प्रो मॉडल्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। भारतीय ग्राहक अब फोन को केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट की तरह देख रहे हैं।
बढ़ती कीमतें और मार्जिन का खेल
कम्पोनेंट और मेमोरी की लागत बढ़ने के कारण Apple ने अपनी नई और पुरानी सीरीज, दोनों के दाम बढ़ा दिए हैं। हालांकि, यह प्रीमियम प्रीमियमाइजेशन का दौर Apple के प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद कर रहा है। कंपनी अब अपने एफ्लुएंट बायर बेस और फाइनेंसिंग ऑप्शंस पर अधिक निर्भर हो गई है।
सप्लाय चेन और मार्केट शेयर
Redington Ltd जैसे सप्लाय चेन पार्टनर्स इस बदलाव से उत्साहित हैं, क्योंकि हाई-एंड रिटेल और फास्ट डिलीवरी का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15% नए ग्राहक Android छोड़कर Apple के इकोसिस्टम में शामिल हुए हैं। मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में 20 मिनट के भीतर डिलीवरी मिलना अब एक सामान्य अपेक्षा बन गई है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
2025 में Apple ने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में 28% का रिकॉर्ड वैल्यू शेयर हासिल किया है, लेकिन क्या यह ग्रोथ बरकरार रहेगी? बढ़ती कीमतें यूनिट शिपमेंट पर दबाव डाल सकती हैं। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी होगी कि क्या एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) की बढ़त यूनिट वॉल्यूम के साथ तालमेल बिठा पाएगी या महंगाई और इंपोर्ट ड्यूटी का असर मांग पर दिखेगा।
