Bira 91 के फाउंडर की हिस्सेदारी जब्त! Anicut Capital ने संभाली कमान, ₹1,000 Cr कर्ज़ पर बड़ा एक्शन

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bira 91 के फाउंडर की हिस्सेदारी जब्त! Anicut Capital ने संभाली कमान, ₹1,000 Cr कर्ज़ पर बड़ा एक्शन

बीरा 91 (Bira 91) के फाउंडर अंकुर जैन की **17.8%** हिस्सेदारी अब वेंचर डेट फर्म Anicut Capital के पास चली गई है। यह बड़ा कदम कंपनी पर बढ़ते कर्ज़ के दबाव के चलते उठाया गया है, और अब Anicut Capital मैनेजमेंट में बदलाव कर **₹1,000 करोड़** के कर्ज़ को उतारने की कोशिश करेगी।

Detailed Coverage

Anicut Capital के हाथ में Bira 91 की कमान

बी9 बेवरेजेज (B9 Beverages), जो मशहूर बीरा 91 (Bira 91) बीयर ब्रांड बनाती है, में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है। कंपनी के वेंचर डेट लेंडर, Anicut Capital, ने अब कंपनी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। फाइनेंसर ने कंपनी के फाउंडर अंकुर जैन की 17.8% हिस्सेदारी जब्त कर ली है। यह इक्विटी Anicut Capital के पास 2017 और 2022 के बीच दिए गए लोन के कोलैटरल (गिरवी) के तौर पर थी। इस कदम के बाद, वेंचर डेट फर्म अब कंपनी के बोर्ड में 3 नए सदस्यों को नियुक्त करने की तैयारी कर रही है, ताकि वित्तीय रीस्ट्रक्चरिंग को आगे बढ़ाया जा सके।

₹1,000 करोड़ के कर्ज़ का बोझ और वित्तीय चुनौतियां

Anicut Capital का यह दखल तब आया है जब B9 बेवरेजेज पर लगभग ₹1,000 करोड़ का कुल कर्ज़ है और कंपनी भारी वित्तीय दबाव झेल रही है। निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए, यह बदलाव कंपनी की बैलेंस शीट को स्थिर करने का एक प्रयास है, जो बढ़ते कर्ज़ के कारण दबाव में थी। Anicut Capital के को-फाउंडर IAS बालमुरुगन (जो पहले ICICI बैंक में एक्जीक्यूटिव थे) के नए बोर्ड सदस्यों में शामिल होने की उम्मीद है। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए लेंडर्स सीधे निगरानी करेंगे।

मालिकाना हक पर असर और भविष्य की दिशा

B9 बेवरेजेज को पिछले कुछ सालों में Peak XV Partners, Sofina, और जापान की Kirin Holdings जैसे कई बड़े निवेशकों का साथ मिला है। डेट-फॉर-इक्विटी ट्रांज़िशन के ज़रिए एक नए कंट्रोलिंग पावर का आना इन स्टेकहोल्डर्स के लिए एक अहम घटना है। Anicut Capital के अलावा, Hero Corporate Services के फैमिली ऑफिस जैसे अन्य लेंडर्स भी कंपनी की फाइनेंसिंग में शामिल रहे हैं। इस रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य मकसद उन कर्ज़ की समस्याओं को हल करना है जिन्होंने कंपनी के ऑपरेशंस और कैपिटल स्टेबिलिटी को प्रभावित किया है।

निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि नई मैनेजमेंट टीम कंपनी के कर्ज़ को कैसे चुकाने और उसकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे बेहतर बनाने की योजना बनाती है। अगले महत्वपूर्ण अपडेट्स बोर्ड की औपचारिक नियुक्तियों और ₹1,000 करोड़ के कर्ज़ के बोझ को कम करने के लिए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान में बताई गई विशिष्ट योजनाओं पर केंद्रित होंगे। यह देखना अहम होगा कि क्या ये बदलाव मौजूदा शेयरधारकों और लेंडर्स के हितों को संतुलित करते हुए कंपनी की वित्तीय स्थिति को सफलतापूर्वक बहाल कर पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.