Amazon का बड़ा दांव: Quick Commerce के लिए भारत में झोंकेगी **$3 बिलियन** की बड़ी रकम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Amazon का बड़ा दांव: Quick Commerce के लिए भारत में झोंकेगी **$3 बिलियन** की बड़ी रकम

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने भारत में अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को विस्तार देने के लिए **$3 बिलियन** के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य **$41 बिलियन** के इस सेक्टर में Blinkit, Swiggy और Zepto जैसी कंपनियों को सीधी टक्कर देना है।

दो चरणों में होगा निवेश

Amazon ने इस मेगा इन्वेस्टमेंट को दो फेज में बांटा है। पहले फेज में कंपनी 2027 तक $1 बिलियन का निवेश करेगी, जबकि दूसरे फेज में इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए $2 बिलियन और खर्च किए जाएंगे। कंपनी का मुख्य फोकस माइक्रो-वेयरहाउस के नेटवर्क को फैलाना है। फिलहाल कंपनी के पास 750 वेयरहाउस हैं, जिन्हें अगले साल अप्रैल तक बढ़ाकर 1,300 करने की योजना है।

डेली एसेंशियल्स पर कंपनी की नजर

Amazon अब इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे बढ़कर अपनी क्विक कॉमर्स रणनीति के जरिए 'डेली एसेंशियल्स' (रोजमर्रा के सामान) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों की दोबारा खरीदारी बढ़ेगी और मार्जिन में स्थिरता आएगी। बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए कंपनी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा ले रही है ताकि ग्राहकों को सामान तेजी से मिल सके।

कॉम्पिटिशन और रिस्क फैक्टर

क्विक कॉमर्स के मैदान में मुकाबला बेहद कड़ा है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, Blinkit, Swiggy और Zepto का कुल मार्केट शेयर 77% है, जबकि Flipkart का 11% है और Amazon फिलहाल 6.2% पर है। हालांकि, हालिया तिमाही में कंपनी ने $1 बिलियन से ज्यादा की एनुअलाइज्ड ग्रॉस सेल्स हासिल की है।

निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि रेगुलेटरी चुनौतियां, जैसे FDI के नियम और गिग वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर बढ़ते नियम, इस सेक्टर के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। साथ ही, आक्रामक विस्तार का मतलब है कि कंपनी को अभी भारी 'कैश बर्न' झेलना पड़ सकता है क्योंकि मार्केट शेयर हथियाने के लिए डिस्काउंट और फास्ट डिलीवरी की जंग जारी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.