Amazon Prime Day: छोटे शहरों में बढ़ी 'प्रीमियम' चीज़ों की डिमांड, मेट्रो शहरों को छोड़ा पीछे!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Amazon Prime Day: छोटे शहरों में बढ़ी 'प्रीमियम' चीज़ों की डिमांड, मेट्रो शहरों को छोड़ा पीछे!

Amazon के Prime Day इवेंट के नतीजों ने दिखाया है कि भारत के छोटे शहरों यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में महंगे प्रोडक्ट्स की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। इन शहरों के ग्राहक अब महंगी बाइक्स, प्रीमियम होम अप्लायंसेज और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स पर ज़्यादा खर्च कर रहे हैं, और उनकी ये खरीदारी आसान EMI और तेज़ डिलीवरी की वजह से संभव हो पा रही है।

छोटे शहरों में बढ़ी प्रीमियम डिमांड

Amazon के Prime Day इवेंट के लेटेस्ट सेल्स डेटा से पता चलता है कि भारत के छोटे शहरों में अब महंगे और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ये ट्रेंड अब बड़े मेट्रो शहरों से भी आगे निकल गया है। जहां पहले मेट्रो शहर ही ऐसे प्रोडक्ट्स के बड़े खरीदार होते थे, वहीं अब टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोग भी क्वालिटी ब्रांड्स पर पैसा खर्च करने में पीछे नहीं हैं।

लग्ज़री बाइक्स का जलवा: Harley-Davidson, KTM, Triumph और Royal Enfield जैसी लग्ज़री मोटरसाइकिल ब्रांड्स की बिक्री 2.3 गुना बढ़ी है, और इनमें से ज़्यादातर खरीदार छोटे शहरों से थे।

होम एंटरटेनमेंट में बड़ा बदलाव: ₹35,000 से ऊपर के टीवी की डिमांड दोगुनी हो गई, खासकर 65 इंच या उससे बड़े स्क्रीन वाले टीवी को ग्राहकों ने खूब पसंद किया।

टेक्नोलॉजी का बढ़ता क्रेज़: AI-पावर्ड लैपटॉप की बिक्री कुल विंडोज लैपटॉप बिक्री का 20% रही। वहीं, रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर और स्मार्ट कॉफी मशीन जैसे स्मार्ट होम डिवाइसेस की बिक्री में 4.3 गुना की बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा, ₹2,500 से ऊपर के प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ग्रूमिंग एप्लायंसेज की बिक्री में भी बड़ा उछाल आया, जो क्रमशः तीन गुना और दोगुनी हुई।

EMI और छोटे कारोबारियों का रोल

छोटे शहरों के ग्राहकों की इन महंगी चीज़ों को खरीदने की क्षमता में आसान पेमेंट ऑप्शन्स का बड़ा हाथ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टफोन्स और बड़े होम अप्लायंसेज के कुल 25% ट्रांजैक्शन EMI पर हुए। इनमें से 80% 'नो कॉस्ट EMI' थे, जबकि Amazon Pay Later के ज़रिए ब्याज-मुक्त किश्तों का इस्तेमाल दोगुना बढ़ गया। इससे साफ है कि क्रेडिट की उपलब्धता छोटे शहरों में प्रीमियम खरीदारी को बढ़ावा दे रही है।

छोटे और मध्यम कारोबारियों (SMBs) के लिए भी यह ट्रेंड फायदेमंद रहा। रिकॉर्ड संख्या में SMBs ने ₹10 लाख से ज़्यादा की बिक्री दर्ज की, और इनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा व्यवसाय टियर-2 और टियर-3 शहरों में थे। यह दिखाता है कि लोकल सेलर्स भी अपने इलाकों में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड को पूरा कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

यह ट्रेंड भारतीय रिटेल और कंज्यूमर सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है। छोटे शहरों के ग्राहकों का महंगे प्रोडक्ट्स में निवेश करने की इच्छा रखना, प्रीमियम ब्रांड्स और ऑर्गेनाइज्ड रिटेल के लिए बाजार का विस्तार होने की संभावना दिखाता है। हालांकि, यह ग्रोथ क्रेडिट की उपलब्धता और सप्लाई चेन की एफिशिएंसी पर निर्भर करती है। आगे यह देखना होगा कि क्या यह प्रीमियम ट्रेंड सिर्फ प्रमोशनल इवेंट्स तक सीमित रहता है या EMI पर आधारित खरीदारी लंबे समय तक छोटे शहरों में कंजम्पशन को बढ़ाती है।

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