यह निवेश इस बात का संकेत है कि कैसे भारतीय पारंपरिक मिठाइयों को एक ग्लोबल पहचान दिलाई जा सकती है। Aman Gupta, जो boAt के को-फाउंडर हैं, ने SailThru Ventures के ज़रिए Fulva में यह अनडिस्क्लोज्ड (undisclosed) राशि का निवेश किया है। उनके साथ Kerala के ही Prejith Narayan, Salpido Brothers, Ajith Nair और Rahul Mamman जैसे अन्य इन्वेस्टर्स भी जुड़े हैं। इस फंड का मकसद Fulva के पारंपरिक भारतीय हलवे को एक मॉडर्न, प्रीमियम और वर्ल्ड-वाइड पहचाने जाने वाले स्वीट (sweet) में बदलना है।
Calicut में बचपन के दोस्तों द्वारा शुरू किए गए इस स्टार्टअप ने पहले ही 24 तरह की प्रीमियम हलवा वैरायटीज़ पेश की हैं, जिसमें पारंपरिक रेसिपीज़ को मैंगो (Mango), टेंडर कोकोनट (Tender Coconut) और ग्रीन चिली (Green Chilli) जैसे मॉडर्न फ्लेवर्स के साथ ब्लेंड (blend) किया गया है। इन सब को प्रीमियम पैकेजिंग (premium packaging) में पेश किया जा रहा है।
Aman Gupta का यह निवेश भारत की पारंपरिक खाने की विरासत को स्केलेबल कंज्यूमर ब्रांड्स (scalable consumer brands) में बदलने की क्षमता में उनका भरोसा दिखाता है। उन्होंने Fulva की "मज़बूत स्टोरीटेलिंग, प्रीमियम पैकेजिंग और ग्लोबल आउटलुक" की तारीफ की। यह भारत में D2C फूड सेक्टर की ग्रोथ के साथ मेल खाता है, जिसके 2025 तक कुल D2C मार्केट का लगभग 33% हिस्सा बनने की उम्मीद है। Fulva लगभग 30% महीने-दर-महीने की ग्रोथ दिखा रही है और उसका एनुअल रेवेन्यू रन रेट (ARR) लगभग ₹6.3 करोड़ है। कंपनी 50,000 से ज़्यादा कस्टमर्स को सर्विस दे चुकी है और 15 से ज़्यादा देशों में प्रोडक्ट्स शिप कर चुकी है, जो मज़बूत शुरुआती मांग और एक्सपोर्ट पोटेंशियल (export potential) को दर्शाता है।
इस नए कैपिटल का इस्तेमाल मार्केटिंग (marketing) और ब्रांड बिल्डिंग (brand building) के लिए किया जाएगा। प्लान्स में क्विक कॉमर्स (quick commerce) प्लेटफॉर्म्स, ऑनलाइन मार्केटप्लेस (online marketplaces) और ऑफलाइन रिटेल (offline retail) में डिस्ट्रीब्यूशन (distribution) को बढ़ाना शामिल है। फंड का इस्तेमाल प्रोडक्शन फैसिलिटी (production facility) को अपग्रेड करने, कैपेसिटी (capacity) और एफिशिएंसी (efficiency) बढ़ाने में भी होगा। Fulva पारंपरिक हलवे से आगे बढ़कर हलवा स्टफ्ड डेट्स (Halwa Stuffed Dates) और कोको बाइट्स (Coco Bites) जैसे नए फॉर्मेट्स के साथ प्रयोग कर रही है।
लॉन्ग-टर्म विज़न (long-term vision) में तिरुनेलवेली (Tirunelveli), बॉम्बे (कराची) (Bombay/Karachi), गाजर (Gajar), ओमानी (Omani) और तुर्किश (Turkish) हलवे जैसी लोकप्रिय रीजनल और इंटरनेशनल वैरायटीज़ को मॉडर्न फॉर्मेट्स में पेश करना शामिल है, जबकि ऑरिजिनल रेसिपीज़ को प्रामाणिक बनाए रखा जाएगा।
हालांकि Fulva का हलवे को मॉडर्न बनाने का तरीका प्रॉमिसिंग (promising) है, भारत का कन्फेक्शनरी मार्केट (confectionery market) काफी कॉम्पिटिटिव (competitive) है। Haldiram's और Bikanervala जैसे स्थापित ब्रांड्स के साथ-साथ Bombay Sweet Shop और KesarCo जैसे नए D2C ब्रांड्स भी इनोवेशन और प्रीमियम पैकेजिंग के ज़रिए मुकाबला कर रहे हैं। भारतीय कन्फेक्शनरी मार्केट, जिसकी वैल्यू 2024 में $4.53 बिलियन थी, के 2035 तक बढ़कर $7.13 बिलियन होने का अनुमान है, जो ग्रोथ के साथ-साथ ज़बरदस्त राइवलरी (rivalry) का भी संकेत देता है।