Aman Gupta का बड़ा दांव: Vedic Ghee वाली Rosier Foods में निवेश, India के Wellness Boom पर नजर!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Aman Gupta का बड़ा दांव: Vedic Ghee वाली Rosier Foods में निवेश, India के Wellness Boom पर नजर!
Overview

BoAt के को-फाउंडर और मशहूर इन्वेस्टर अमन गुप्ता ने प्रीमियम स्टेपल्स ब्रांड Rosier Foods में निवेश किया है। यह निवेश SailThru Ventures के जरिए किया गया है। इस फंडिंग का मुख्य मकसद भारत के तेजी से बढ़ते हेल्थ और वेलनेस फूड मार्केट में Rosier Foods के Vedic Ghee और अन्य पारंपरिक उत्पादों का विस्तार करना है।

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अमन गुप्ता की 'वेलनेस' में एंट्री

अमन गुप्ता, जो 'BoAt' के सह-संस्थापक होने के साथ-साथ एक प्रमुख इन्वेस्टर भी हैं, Rosier Foods के पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों को बनाने के तरीके से काफी प्रभावित हैं। उनका यह निवेश (SailThru Ventures के माध्यम से) इस ट्रेंड से प्रेरित है कि भारतीय ग्राहक अब अपने खान-पान के विकल्पों को लेकर ज़्यादा जागरूक हो रहे हैं। Rosier Foods अपनी वैदिक प्रक्रियाओं, गुणवत्तापूर्ण सामग्री की सोर्सिंग और किसानों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करके इस मांग को पूरा करता है। कंपनी का लक्ष्य खुद को एक भरोसेमंद और उद्देश्य-आधारित ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, जो इसे प्रतिस्पर्धी बाजार में अलग पहचान देगा। गुप्ता का यह कदम शहरी भारतीय उपभोक्ताओं को टारगेट करता है, जो 'क्लीन-लेबल' (स्वच्छ लेबल वाले) और पौष्टिक विकल्पों की तलाश में हैं।

Rosier Foods: फाउंडर्स और प्रोडक्ट्स

Rosier Foods की स्थापना कंटेंट क्रिएटर और उद्यमी गौरव तनेजा ने अंकुर त्यागी और सुमित मिश्रा के साथ मिलकर की है। कंपनी पारंपरिक भारतीय खाद्य उत्पादों में माहिर है। इसका फ्लैगशिप प्रोडक्ट 'A2 Gir Cow Ghee' है, जिसे प्राचीन बिलोना विधि का उपयोग करके तैयार किया जाता है, जो उत्पाद की पौष्टिकता और मौलिकता पर जोर देता है। इनके प्रोडक्ट रेंज में कच्चा शहद (Raw Honey) और ऑर्गेनिक किराना (Pantry Staples) भी शामिल हैं, जो प्राकृतिक भोजन की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं। गौरव तनेजा की बड़ी ऑनलाइन फैन फॉलोइंग एक किफायती मार्केटिंग चैनल प्रदान करती है। कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹33.2 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, और इसका लक्ष्य FY27 तक ₹150 करोड़ का एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) हासिल करना है। FY24 में कंपनी ने रेवेन्यू में 879.66% की शानदार ग्रोथ हासिल की थी।

कंपनी के फाइनेंशियल और ग्रोथ प्लान

Rosier Foods का वर्तमान एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) लगभग ₹100 करोड़ है, और कंपनी का लक्ष्य FY27 तक इसे ₹150 करोड़ तक ले जाना है। फिलहाल, कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 5-6% के संकीर्ण दायरे में है। कंपनी की फाइलिंग्स FY24 में रेवेन्यू और EBITDA में बड़ी ग्रोथ दिखाती हैं, लेकिन स्केलेबल प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी। इस नए कैपिटल का इस्तेमाल सप्लाई चेन को मजबूत करने, किसानों के नेटवर्क का विस्तार करने, ब्रांड बनाने और नए कस्टमर जोड़ने के लिए किया जाएगा। इन प्रयासों के साथ-साथ प्रोडक्ट इनोवेशन और अपने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) प्लेटफॉर्म को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। यह सब एक प्रतिस्पर्धी D2C फूड मार्केट में ग्रोथ हासिल करने के लिए है, जहाँ Farmley और Country Delight जैसे ब्रांडों ने हाल ही में बड़ी फंडिंग जुटाई है।

इंडिया का बढ़ता वेलनेस मार्केट

भारत का हेल्थ और वेलनेस फूड सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। अनुमान है कि अकेले ऑर्गेनिक फूड मार्केट 2033 तक $10.8 बिलियन को पार कर सकता है, जिसमें लगभग 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी जा सकती है। वहीं, कुल हेल्दी फूड्स मार्केट 2033 तक $93 बिलियन से अधिक हो सकता है। A2 डेयरी और ऑर्गेनिक शहद जैसे प्रीमियम सेगमेंट में और भी तेज ग्रोथ की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता और कथित स्वास्थ्य लाभों व इंग्रेडिएंट्स की पारदर्शिता के लिए अधिक भुगतान करने की उनकी इच्छा है। Rosier Foods को Organic India और Two Brothers Organic Farms जैसे स्थापित ब्रांडों के साथ-साथ Anveshan और Yu Foodlabs जैसे कई D2C ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, सप्लाई चेन की जटिलताएं और सर्टिफाइड ऑर्गेनिक सामग्री की उपलब्धता जैसी चुनौतियाँ मार्केट की आकर्षकता को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

चुनौतियाँ: मार्जिन, कंपटीशन और रेगुलेशन

मार्केट के सकारात्मक रुझानों और इन्वेस्टर के भरोसे के बावजूद, Rosier Foods को कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कंपनी का संकीर्ण 5-6% का नेट प्रॉफिट मार्जिन स्केल अप करते समय गलतियों के लिए बहुत कम गुंजाइश छोड़ता है। D2C हेल्थ फूड सेक्टर में कड़ा मुकाबला, जहां कई अच्छी फंडिंग वाले ब्रांड उपभोक्ताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, बाजार हिस्सेदारी के लिए लगातार एक चुनौती पेश करता है। भारत के जटिल खाद्य उत्पाद नियमों का पालन करना भी एक जोखिम भरा काम है। अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में तीन में से एक फूड लेबल क्लेम नियमों के अनुरूप नहीं हो सकता है, जो संभावित निष्पादन अंतराल का संकेत देता है। गौरव तनेजा को भी स्वास्थ्य उत्पाद प्रचार के लिए डिस्क्लोजर गाइडलाइंस का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना होगा। शार्क टैंक इंडिया में तनेजा की उपस्थिति के दौरान कई वेंचर्स पर उनके फोकस और मांगी गई वैल्यूएशन को लेकर सवाल उठाए गए थे। गुणवत्ता और प्रामाणिकता को बड़े पैमाने पर बनाए रखना, सप्लाई चेन और खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रबंधन करना, निरंतर सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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