Allied Blenders & Distillers (ABDL) की सब्सिडियरी कंपनी ABD Maestro ने फाइनेंशियल ईयर **2028** तक अपना रेवेन्यू दोगुना कर **₹200 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
Allied Blenders & Distillers Limited (ABDL) की सब्सिडियरी कंपनी ABD Maestro ने आने वाले सालों के लिए आक्रामक ग्रोथ प्लान तैयार किया है। फिलहाल कंपनी ₹100 करोड़ के रेवेन्यू रन रेट पर काम कर रही है, जिसे 2028 फाइनेंशियल ईयर तक दोगुना यानी ₹200 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कंपनी मुख्य रूप से प्रीमियम व्हिस्की, जिन और क्राफ्ट स्पिरिट्स के बाजार पर दांव लगा रही है।
कंपनी का स्ट्रक्चर और भागीदारी
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि ABD Maestro एक सीधे लिस्टेड कंपनी नहीं है। इसमें पेरेंट कंपनी Allied Blenders & Distillers की 80% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 20% हिस्सेदारी मशहूर एक्टर रणवीर सिंह के पास है। यह वेंचर कंपनी के लग्जरी पोर्टफोलियो को संभालता है, जिसमें Zoya और Woodburns जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।
बिजनेस मॉडल और चुनौतियां
कंपनी का पूरा फोकस 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' पर है। मैनेजमेंट का मानना है कि भले ही लग्जरी ब्रांड्स का वॉल्यूम कम हो, लेकिन प्रॉफिट के लिहाज से इनका योगदान बहुत ज्यादा होता है। हालांकि, इस ग्रोथ के रास्ते में कुछ चुनौतियां भी हैं:
- मार्केटिंग खर्च: लग्जरी ब्रांड बनाने के लिए एडवर्टाइजिंग और प्रमोशन पर भारी पैसा खर्च करना पड़ता है, जो पेरेंट कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
- रेगुलेटरी रिस्क: भारत का लिकर सेक्टर बेहद रेगुलेटेड है। एक्साइज ड्यूटी और राज्य-दर-राज्य नियम अक्सर बदलते रहते हैं, जिसका सीधा असर बिक्री और कंपनी के विस्तार पर पड़ता है।
- कॉम्पिटिशन: प्रीमियम सेगमेंट में ग्लोबल जायंट्स और घरेलू प्लेयर्स की बढ़ती भीड़ के कारण अपनी जगह बनाए रखना और प्राइसिंग पावर बरकरार रखना आसान नहीं होगा।
आगे चलकर निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह प्रीमियम एक्सपेंशन पेरेंट कंपनी के बॉटम लाइन को मजबूती दे पाता है या नहीं।
