Allied Blenders and Distillers (ABDL) ने आने वाले सालों के लिए एक महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान का खुलासा किया है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 तक रेवेन्यू और वॉल्यूम में मिड-टीन प्रतिशत की ग्रोथ हासिल करना है, साथ ही ₹600 करोड़ के EBITDA का टारगेट भी रखा है।
Detailed Coverage
प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस, मार्जिन बढ़ाने की तैयारी
ABDL अपनी 'Prestige and Above' (P&A) यानी प्रीमियम कैटेगरी के ब्रांड्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। जून 2026 क्वार्टर के नतीजों के अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 5.8% बढ़कर ₹984 करोड़ रहा, जबकि सेल्स वॉल्यूम 6.2% बढ़कर 90 लाख केस तक पहुंच गया। फिलहाल, प्रीमियम ब्रांड्स कुल वॉल्यूम का 48.2% और कुल वैल्यू का लगभग 60% हिस्सा हैं। कंपनी का लक्ष्य इसे 50% वॉल्यूम और 60-65% वैल्यू तक पहुंचाना है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर मार्जिन ज्यादा होता है, जिससे कंपनी की ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ेगी।
लागत का दबाव और मैनेजमेंट की उम्मीदें
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। पहली तिमाही में, कांच की बोतलों और प्लास्टिक (PET) पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों के कारण ABDL को ₹24 करोड़ का फाइनेंशियल नुकसान हुआ। साथ ही, गल्फ रीजन में एक्सपोर्ट वॉल्यूम भी प्रभावित हुआ। लेकिन मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अनाज आधारित एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) जैसे कच्चे माल की कीमतों में नरमी और पैकेजिंग लागत के स्थिर होने से यह दबाव कम होगा।
घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय विस्तार की योजना
देश के भीतर, कंपनी उत्तर प्रदेश पर खास ध्यान दे रही है, जिसे वह एक महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट मानती है। वहां लोकल डिस्टिलरी और बॉटलिंग एसेट्स का अधिग्रहण करने के बाद, ABDL राज्य में दूसरी सबसे बड़ी इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) प्लेयर बन गई है और अगले दो साल में टॉप पोजीशन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, कंपनी 39 देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ा चुकी है और 2029 तक 60-70 देशों तक पहुंचने का इरादा रखती है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश
इन लॉन्ग-टर्म योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए, ABDL बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी फोकस कर रही है। कंपनी ने तेलंगाना के रंगपुर में एक नया माल्ट प्लांट स्थापित किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी छमाही तक चालू होने की उम्मीद है। यह प्लांट कंपनी के प्रीमियम ब्रांड्स के लिए जरूरी कच्चा माल उपलब्ध कराएगा और भविष्य में उनके अपने इंडियन सिंगल माल्ट व्हिस्की को लॉन्च करने में भी मदद करेगा।
निवेशकों की नजरें कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर रहेंगी, यह देखना होगा कि प्रोडक्ट मिक्स बदलने के साथ वे इसे कैसे बनाए रखते हैं। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता और उत्तर प्रदेश में बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की गति भी महत्वपूर्ण होगी।
