Allied Blenders: बिक्री का नया रिकॉर्ड, लेकिन बढ़ता कर्ज और घटता मार्जिन निवेशकों के लिए चिंता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Allied Blenders: बिक्री का नया रिकॉर्ड, लेकिन बढ़ता कर्ज और घटता मार्जिन निवेशकों के लिए चिंता

Allied Blenders and Distillers ने Q2 FY27 में **1 करोड़ (10 मिलियन)** केस बेचकर इतिहास रच दिया है, जिससे कंपनी का रेवेन्यू **₹1,152 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, ब्रांड निवेश और सप्लाई चेन की लागत के चलते कंपनी का मार्जिन घटकर **12.4%** रह गया है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क हैं।

सेल्स में जबरदस्त उछाल

Allied Blenders and Distillers (ABD) ने FY27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी ने पहली बार 1 करोड़ (10 मिलियन) केस बेचने का आंकड़ा छुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 11.1% अधिक है। मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर कंपनी का टोटल रेवेन्यू 15.8% बढ़कर ₹1,152 करोड़ रहा। इसमें कंपनी के प्रमुख ब्रांड 'ICONiQ White' का अहम रोल रहा, जिसकी बिक्री में 20.6% का उछाल दर्ज किया गया।

मार्जिन पर दबाव की वजह

बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर मार पड़ी है। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 13.1% से गिरकर 12.4% पर आ गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि मुख्य ब्रांड्स को नया लुक देने और 'ABD Maestro' जैसे प्रीमियम पोर्टफोलियो लॉन्च करने में हुए खर्च के कारण मार्जिन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में सप्लाई चेन में आई दिक्कतों की वजह से कंपनी को ₹29 करोड़ का झटका लगा। अगर इन एकमुश्त खर्चों को हटा दिया जाए, तो मार्जिन 14.9% के स्तर पर होता।

बढ़ता कर्ज और एक्सपेंशन प्लान

कंपनी अपने विस्तार के लिए भारी कर्ज ले रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में नेट डेट ₹292 करोड़ बढ़कर ₹1,273 करोड़ पहुंच गया है। कंपनी ने मुरादाबाद में बॉटलिंग यूनिट और रंगपुर में माल्ट डिस्टिलरी जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए ₹351 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है। इस कारण कंपनी का नेट डेट/EBITDA रेशियो बढ़कर 2.2x हो गया है, जो कि कंपनी के 2.0x के लक्ष्य से अधिक है।

आगे की राह

अच्छी खबर यह है कि India Ratings & Research ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर IND AA- कर दिया है, जो इसकी लंबी अवधि की वित्तीय सेहत के लिए शुभ संकेत है। कंपनी को उम्मीद है कि नए इंफ्रास्ट्रक्चर के चालू होने से FY28 तक मार्जिन में 300 बेसिस पॉइंट्स का सुधार आएगा। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने नए प्रोजेक्ट्स को कितनी कुशलता से चलाती है और कर्ज के बोझ को 2.0x के दायरे में वापस लाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.