Allied Blenders के मुनाफे में **18.7%** की गिरावट, सप्लाई चेन की लागत बनी वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Allied Blenders के मुनाफे में **18.7%** की गिरावट, सप्लाई चेन की लागत बनी वजह

Allied Blenders and Distillers (ABDL) ने Q1FY27 के लिए **₹45 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के कारण कंपनी को **₹24 करोड़** का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, जिससे मुनाफे पर असर पड़ा। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **5.8%** बढ़कर **₹984 करोड़** रहा, लेकिन ब्रांड विस्तार और नए प्रोडक्ट्स में निवेश के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया।

Detailed Coverage

सप्लाई चेन की लागतों का असर

Allied Blenders and Distillers Limited (ABDL) ने जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए ₹45 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया है, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹56 करोड़ की तुलना में 18.7% कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण हुई, जिससे कंपनी को लगभग ₹24 करोड़ का एकमुश्त लागत प्रभाव झेलना पड़ा।

रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव

इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 5.8% बढ़कर ₹984 करोड़ तक पहुंच गया। यह ग्रोथ खासकर Prestige & Above सेगमेंट में 10.7% की वॉल्यूम ग्रोथ और Mass Premium सेगमेंट में 2.3% की वृद्धि से प्रेरित थी। इन सबके बावजूद, कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 55 बेसिस पॉइंट्स घटकर 12.2% रह गया।

मैनेजमेंट का नज़रिया और ग्रॉस मार्जिन

कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि मुनाफे में आई यह गिरावट कोर बिजनेस परफॉर्मेंस को पूरी तरह से नहीं दर्शाती है। अगर सप्लाई चेन की दिक्कतों को हटा दिया जाए, तो एडजस्टेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹144 करोड़ होता, जिसका मार्जिन 14.7% रहता। अच्छी बात यह है कि इनपुट कॉस्ट में कमी और बेहतर बैकवर्ड इंटीग्रेशन के चलते ग्रॉस मार्जिन 277 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 46% हो गया। हालांकि, इस लाभ का कुछ हिस्सा हायर पर्सनल खर्च, कोर ब्रांड मार्केटिंग और नए लग्जरी प्रोडक्ट्स के लॉन्च पर हुए खर्च के कारण समायोजित हो गया।

ब्रांड पर फोकस और कर्ज में कमी

ABDL अपने ब्रांड-बिल्डिंग पर लगातार ध्यान दे रही है। कंपनी के फ्लैगशिप ग्रोथ ब्रांड ICONiQ White की वॉल्यूम ग्रोथ इस तिमाही में 33.8% बढ़कर 3.1 मिलियन केस दर्ज की गई। बैलेंस शीट पर, ABDL ने अपने नेट डेट में ₹33 करोड़ की कमी की है, जिससे कुल नेट डेट अब ₹947 करोड़ रह गया है। कंपनी के लीवरेज रेशियो भी स्थिर बने हुए हैं, जिसमें Net Debt to EBITDA रेशियो 1.7x और Net Debt to Equity रेशियो 0.6x है।

कैपिटल स्पेंडिंग और भविष्य की योजनाएं

कंपनी ₹994 करोड़ के बड़े कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम पर काम कर रही है। यह निवेश तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश की सुविधाओं में फैला हुआ है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य फाइनेंशियल ईयर 2028 के अंत तक EBITDA मार्जिन में लगभग 300 बेसिस पॉइंट्स का सुधार लाना है। इसके अलावा, कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रही है और इस तिमाही में तीन नए बाजारों में प्रवेश किया है, जिससे अब वह 39 देशों में एक्सपोर्ट कर रही है।

भविष्य में, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें यह होंगी कि चल रही कैपिटल प्रोजेक्ट्स का सफल कार्यान्वयन हो और इन निवेशों के परिचालन में आने के बाद कंपनी मार्जिन विस्तार को बनाए रख पाए। साथ ही, यह देखना भी अहम होगा कि सप्लाई चेन की वे दिक्कतें, जिनकी रिपोर्ट इस तिमाही में आई है, हल होती हैं या आने वाली तिमाहियों में भी परिचालन लागतों को प्रभावित करती रहती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.