महंगाई और रणनीतिक उपाय
Allied Blenders and Distillers, भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्पिरिट निर्माता कंपनी, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई की मार झेल रही है। इस स्थिति ने कांच और पॉलीमर जैसी पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ा दी है। कंपनी के CEO, आलोक गुप्ता, का कहना है कि वे राज्य सरकारों से कीमतों में समायोजन की मांग कर रहे हैं ताकि बढ़ती लागत, जो वे उच्च ऊर्जा कीमतों से जोड़ते हैं, को पूरा किया जा सके। गुप्ता को उम्मीद है कि ये महंगाई के दबाव अस्थायी हैं और आने वाले महीनों में सामान्य हो जाएंगे।
प्रीमियम सेगमेंट में ग्रोथ पर जोर
इन चुनौतियों के बावजूद, Allied Blenders अपनी प्रीमियम रणनीति पर अडिग है। कंपनी का 'प्रेसिजे और अबव' (P&A) सेगमेंट, जो वर्तमान में वॉल्यूम का 47% और वैल्यू का 57% है, भविष्य में और भी महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इस प्रीमियम पोर्टफोलियो को वॉल्यूम का 50% से अधिक और वैल्यू का 70-75% बनाना है। ICONiQ White, Officer's Choice Blue, और Sterling Reserve जैसे प्रमुख ब्रांड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें ICONiQ White अपने सेगमेंट में नेतृत्व के करीब पहुंच रहा है।
निवेश और वैश्विक विस्तार
अपने परिचालन और मार्जिन को मजबूत करने के लिए, Allied Blenders बैकवर्ड इंटीग्रेशन में लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश कर रही है। इसमें एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल, माल्ट और पीईटी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार शामिल है। इन निवेशों से FY28 तक प्रॉफिट मार्जिन में लगभग 300 बेसिस पॉइंट और FY29 तक 100 बेसिस पॉइंट की वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, FY25 में 24 देशों से बढ़कर FY26 में 36 देशों तक विस्तार करने की योजना है, और जल्द ही लगभग 50 बाजारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। हालिया भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता भी स्कॉच पर ड्यूटी कम होने से लाभप्रदता को बढ़ा सकता है।
वित्तीय प्रदर्शन
FY26 में, Allied Blenders ने ₹568 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA हासिल किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25.8% अधिक है। नेट प्रॉफिट (PAT) 13% बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया, जबकि राजस्व 11.5% बढ़कर ₹3,949 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में भी मजबूत प्रदर्शन देखा गया, जिसमें राजस्व 9.1% बढ़कर ₹1,020 करोड़ और EBITDA ₹182 करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही PAT में 52.1% की गिरावट आई, जो कि एकमुश्त लागतों के कारण हुआ। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹5.4 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
