जयपुर की ज्वैलरी बनाने वाली कंपनी Advit Jewels अपना ₹165.15 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 23 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खोलने जा रही है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और अपने रिटेल शोरूम नेटवर्क का विस्तार करने के लिए करेगी। यह इश्यू 25 जून तक खुला रहेगा, जिसमें शेयर ₹130 से ₹138 के प्राइस बैंड में पेश किए जाएंगे।
क्या है कंपनी की योजना?
जयपुर की ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर Advit Jewels पब्लिक मार्केट में दस्तक देने के लिए तैयार है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 23 जून, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसमें शेयर ₹130 से ₹138 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में मिलेंगे। यह पूरा इश्यू ₹165.15 करोड़ का होगा, जिसमें 1.19 करोड़ शेयरों की फ्रेश इश्यू शामिल है। सब्सक्रिप्शन विंडो तीन दिनों तक खुली रहेगी और 25 जून को बंद हो जाएगी।
फंड जुटाने की वजह?
Advit Jewels IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल तीन मुख्य क्षेत्रों में करेगी। फंड का एक बड़ा हिस्सा, ₹65 करोड़, कर्ज चुकाने के लिए रखा गया है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी। ₹65 करोड़ का उपयोग वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा, ताकि कंपनी के रोजाना के काम सुचारू रूप से चल सकें। बाकी बची राशि कंपनी अपने रिटेल शोरूम नेटवर्क के विस्तार के लिए इस्तेमाल करेगी, ताकि कंपनी की पहुंच बढ़ाई जा सके।
कंपनी की फाइनेंसियल परफॉरमेंस
ब्रोकरेज फर्म SMIFS की समीक्षा के अनुसार, Advit Jewels ने FY23 और FY25 के बीच अपने रेवेन्यू में 63.7% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की है। FY25 के अंत तक यह ₹1,249.4 मिलियन तक पहुंच गया। इस दौरान ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 32.9% और EBITDA ₹371.5 मिलियन रहा। कंपनी कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ डिजाइन सहित विभिन्न प्रकार की ज्वैलरी बनाती है, जिसके लिए 3D प्रिंटिंग और लेजर कटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करती है।
वैल्युएशन और ग्रे मार्केट का क्या कहना है?
ब्रोकरेज फर्म SMIFS का विश्लेषण बताता है कि कंपनी का वैल्युएशन FY25 की कमाई के हिसाब से लगभग 17 गुना है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) यानी अनलिस्टेड शेयरों के लिए अनौपचारिक मूल्य संकेतक, लगभग ₹65 के आसपास बताया जा रहा है, जो लिस्टिंग पर लगभग 47% के प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, यह आंकड़े अनौपचारिक हैं और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। ग्रे मार्केट के आंकड़े सट्टा मांग पर आधारित होते हैं और जल्दी बदल सकते हैं।
व्यापार जोखिम और प्रतिस्पर्धा
भारत का ज्वैलरी सेक्टर बहुत प्रतिस्पर्धी और खंडित है। Advit Jewels को बड़े राष्ट्रीय रिटेल चेन और अनगिनत स्थानीय ज्वैलर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस मॉडल सोने जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। कच्चे माल की लागत में तेज वृद्धि से लाभ मार्जिन प्रभावित हो सकता है, खासकर अगर कंपनी इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर नहीं डाल पाती। नए शोरूम खोलने और उन्हें चलाने में काफी पूंजी और प्रभावी मांग प्रबंधन की आवश्यकता होती है, जो कि एग्जीक्यूशन रिस्क पैदा करता है।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
संभावित निवेशक अगले तीन दिनों में रिटेल और संस्थागत श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन की स्थिति पर नजर रख सकते हैं। कंपनी के लिए मुख्य निगरानी बिंदु यह होंगे कि वह रिटेल विस्तार योजना को बिना किसी बड़े लागत ओवररन के कैसे लागू करती है, कर्ज चुकाने के बाद ब्याज लागत में कितनी कमी आती है, और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद मार्जिन कैसे बनाए रखती है। स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी लिस्टिंग और प्रदर्शन से शेयर के प्रति बाजार की भावना का और स्पष्ट पता चलेगा।
